Varanasi News: बताया जा रहा है कि प्रशांत उपाध्याय यूपी के बाहर भाग गया है। उसकी खोजबीन जारी है। इस बीच, अब उसकी संपत्ति कुर्क करने की बात कही जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां कफ सिरप कारोबार के सरगना शुभम जायसवाल के करीबियों से भी पूछताछ कर रही है।
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प्रशांत उपाध्याय के घर पर पुलिस ने छापा मारा।
- फोटो : अमर उजाला
कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में भगोड़ा शुभम जायसवाल के गुरु प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू की गिरफ्तारी को लेकर कोतवाली पुलिस और एसआईटी की ओर से लगातार दबिश दी जा रही है। प्रदेश छोड़ चुके प्रशांत की गिरफ्तारी नहीं होने की दशा में मकान, संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। 30 अप्रैल को कोर्ट में हाजिर नहीं होने की तिथि नियत है। कुर्की की नोटिस चस्पा की कार्रवाई पूर्व में पुलिस कर चुकी है।
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कफ सिरप तस्करी का आरोपी अमित यादव और शुभम जायसवाल।
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी के अनुसार, गिरफ्तारी या कुर्की तय है। प्रशांत की फरारी और उसकी गोपनीय तरीके से मदद करने वालों की भी कुंडली तैयार की जा रही है। भेलूपुर थाना क्षेत्र के बिरदोपुर शंकरपुरी कॉलोनी निवासी प्रशांत उपाध्याय मड़ौली क सेंट जांस कॉलोनी में रहता है। प्रकरण में नाम सामने आने और प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद से प्रशांत वांछित है।
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शुभम जायसवाल का पिता भोला प्रसाद।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने उसकी संपत्तियां सीज कीं और मकान पर कुर्की की नोटिस चस्पा किया। 30 अप्रैल को कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर मकान पर कुर्की की कार्रवाई शुरू होगी। इस बीच पुलिस को भनक लगी कि वह अपने कुछ रिश्तेदारों के जरिये कचहरी के कुछ अधिवक्ताओं के संपर्क में है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश जारी है। प्रशांत जायसवाल समेत अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर एसआईटी सक्रिय है।
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शुभम जायसवाल, पिता भोला प्रसाद जायसवाल, शिवम द्विवेदी।
- फोटो : अमर उजाला
दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार
कफ सिरप मामले में दो आरोपियों के खिलाफ रामनगर पुलिस ने भी चार्जशीट तैयार की है। आरोपी रोहित यादव और आजाद जायसवाल के खिलाफ रामनगर पुलिस ने चार्ज शीट तैयार कर ली है। कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। सूजाबाद चौकी के दरोगा शिवम सोनी ने चार्जशीट तैयार की है।
प्रशांत के फर्म से शुभम ने सीखा था हेरफेर करना
एसआईटी के छानबीन में अब तक सामने आया कि मड़ौली में रहने वाले प्रशांत उपाध्याय ने सबसे पहले नारकोटिक्स दवाओं की खरीद फरोख्त शुरू की थी। पिछले छह साल से वह इस धंधे में जुड़ा हुआ था। कुछ समय तक शुभम ने प्रशांत की दुकान पर काम किया और दवाओं में हेरफेर करने की कलाकारी सीखी।
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शुभम जायसवाल का आलीशान मकान।
- फोटो : संवाद
यह भी बात सामने आती है कि बड़े दवा सप्लायरों से प्रशांत ने ही शुभम की मुलाकात कराई थी। शुरुआत में पूंजी भी लगाया और फिर युवाओं की फौज शुभम ने खड़ी की। बेरोजगार युवाओं को बिना कुछ किए 25 से 30 हजार रुपये महीने कमाने लायक बनाया। फर्जी नाम पते पर जीएसटी, बैंक खाता, मेडिकल फर्म पंजीकृत कराते हुए युवाओं को हर माह रकम भेजता था।
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शुभम जायसवाल, भोला प्रसाद और अमित सिंह टाटा।
- फोटो : अमर उजाला
वीजा खत्म होने के बाद शुभम की नई पनाहगाह तलाश रही एसआईटी
कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को दुबई से वापस लाने के लिए एसआईटी उसके वीजा के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक शिवम जिस वीजा पर दुबई गया था, उसकी अवधि महज 45 दिन थी। इसके बाद वह दुबई में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा है।
दुबई पुलिस को शिवम के खिलाफ अदालत में दाखिल आरोप पत्र और रेड कॉर्नर नोटिस भेजकर तलाशने को कहा गया है। वहीं अन्य एजेंसियों के जरिए भी उसकी नई पनाहगाह तलाशी जा रही है। शासन के निर्देश पर कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट की जांच कर रही एसआईटी का मुख्य फोकस शिवम जायसवाल का प्रत्यर्पण कराने पर है। उसके वापस आने के बाद पिट एनडीपीएस के तहत कार्रवाई की जाएगी।