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भीड़ ने एसीपी को किया लहूलुहान: वाराणसी में बवाल...सात पुलिसकर्मी घायल, 61 पर FIR, चार अरेस्ट; पीएसी तैनात

Sat, 18 Apr 2026 12:08 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां पटकीं। महिलाओं, बच्चों समेत पुरुषों की भीड़ तुरंत गांव में घुस गई। पीएसी को भी बुलाया गया। दोनों संगठनों के पदाधिकारियों को पुलिस ने समझाया। 
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एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना हुए घायल। - फोटो : संवाद
Varanasi News: चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव के प्रवेश द्वार पर झंडा लगाने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भीम आर्मी और हिंदू संगठन के बीच झड़प के बीच पत्थरबाजी में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना, इंस्पेक्टर, दरोगा समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने लाठी पटककर उपद्रवियों को खदेड़ा।

गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडेय की तहरीर पर 11 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्यों में बाधा, दंगा समेत 12 आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, छह आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। नामजद आरोपियों में औरा गांव निवासी अजीत कुमार, सिंधोरा महगांव निवासी प्रदीप कुमार, भोपापुर निवासी राजकुमार, हनुमान, नेहिया निवासी निखिल कुमार, साजन, राजन, संजीत, सूखा, सगीना, अमरजीत शामिल हैं। 50 अज्ञात में महिला और पुरुष हैं। 

गांव में एहतियातन आसपास के 5 थानों की फोर्स और पीएसी तैनात है। सीसी कैमरे और वीडियो के आधार पर माहौल बिगाड़ने वाले आरोपियों की पहचान कराई जा रही है। एडिशनल सीपी, डीसीपी वरुणा ने छानबीन की है।
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बाबा बटुक भैरव धाम मार्ग पर हुआ था मामला। - फोटो : संवाद
नेहिया गांव के प्रवेश द्वार पर रामनवमी के दिन भगवा झंडा लगाया था। अंबेडकर जयंती पर भीम आर्मी और बसपा समर्थित लोगों ने भगवा झंडा हटाकर गेट पर नीला झंडा लगाया। 15 अप्रैल की रात आरोप है कि कुछ शरारती तत्वों ने नीला झंडा हटाया। सोशल मीडिया पर अफवाह फैली की नीला झंडा जलाया गया। इसके बाद दलित समुदाय के लोग लामबंद हो गए। बृहस्पतिवार को नारेबाजी कर चक्काजाम कर दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाया। दोबारा नीला झंडा गेट पर लगा। इसको लेकर हिंदू वादी संगठन के लोगों में आक्रोश पनप गया।

हिंदू वादी संगठन ने सवा घंटे तक बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस ने दोनों संगठनों के झंडे उतरवाकर माहौल शांत कराया। देर शाम में भगवा झंडा गेट पर दोबारा लगा तो भीम आर्मी और बसपा समर्थित लोग सुबह 11 बजे नेहिया गांव के प्रवेश गेट पर विरोध प्रदर्शन करने लगे। 
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नाराज लोगों से बातचीत करती पुलिस। - फोटो : संवाद
चोलापुर पुलिस समझाने पहुंची तो आक्रोशित भीड़ पुलिस से उलझ गई। बवाल को देख चौबेपुर, लालपुर-पांडेयपुर, सारनाथ पुलिस फोर्स पहुंची। एडीसीपी लिपि नागायच, एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना फोर्स के साथ भीड़ को गांव की तरफ भेजने और समझाने में जुटे तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। 

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घायल पुलिसकर्मी को इलाज के लिए ले जाते साथी। - फोटो : संवाद
इस बीच विदुष सक्सेना के माथे पर एक पत्थर लगा। लहूलुहान एसीपी को साथी पुलिसकर्मियों ने संभाला। तब तक चोलापुर थाने के इंस्पेक्टर, चाैकी इंचार्ज, समेत सात पुलिसकर्मी को भी पत्थर लग गया और उन्हें फर्श पर गिरा दिया गया। 

ये हुए घायल
एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना, चोलापुर इंस्पेक्टर सधुवन राम गौतम, चौकी इंचार्ज विपिन पांडेय, हेड कांस्टेबल जगजीवन राम, कांस्टेबल आदित्य कुमार, चालक हेड कांस्टेबल मो. शकील अहमद, पीएसी के हेड कांस्टेबल हरेंद्र राय को चोटें आई हैं। 
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सीसी कैमरा लगवाती पुलिस। - फोटो : संवाद
जय भीम-जय भवानी का लगता रहा नारा 
सुबह दोनों संगठनों की तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई। भीम आर्मी की ओर से जय भीम तो हिंदू संगठन की ओर से जय भवानी और जय श्री राम के नारे लगाए जा रहे थे। इस बीच भीड़ ने पुलिस दोनों पक्षों को समझा दिया था। सभी अपने-अपने घर को लौट रहे थे। अचानक भीड़ से किसी ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद माहौल बिगड़ता चला गया। चोलापुर पुलिस ने नेहिया गांव के प्रवेश द्वार पर सीसी कैमरा लगवाया। चोलापुर पुलिस, पीएसी समेत अन्य थानों की फोर्स ने गांव में सुबह से लेकर शाम तक फ्लैग मार्च किया।
माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। वीडियो फुटेज के आधार पर आराजकतत्वों की पहचान कराई जा रही है। नेहिया गांव में एहतियातन फोर्स तैनात हैं। - प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा
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