पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार को कांग्रेस, सपा और वामपंथी संगठनों समेत 22 दलों के भारत बंद का पूर्वांचल में मिला-जुला असर रहा। कार्यकर्ताओं की टोलियां सुबह ही सक्रिय हो गई थीं। जुलूस निकालकर सरकार के पुतले फूंके गए और बाजार बंद कराया गया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
वाराणसी में शहर के साथ ही वरुणापार और ग्रामीण इलाकों में भी भारत बंद का आंशिक असर देखने को मिला। कुछ इलाकों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधीगिरी के माध्यम से दुकानदारों बंद करने के लिए कहा। वहीं कुछ स्थानों पर उन्होंने दुकानदारों को फूल देकर दुकानें बंद करने का आग्रह किया। साथ ही बैलगाड़ी पर जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा उज्जवला कनेक्शन वापस कर दिए और मौके पर चूल्हा जलाकर विरोध दर्ज कराया।
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इस दौरान चंदौली में 116 और सोनभद्र में 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया जिन्हें शाम को मुचलके पर छोड़ दिया गया। अधिवक्ताओं ने भी कार्य से विरत रह कर बंद को समर्थन दिया।
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बनारस में व्यापार संगठनों के साथ ही राजनीतिक दलों ने भारत बंद के समर्थन में मार्च निकाला और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए। जिधर से जुलूस निकला उधर के प्रमुख बाजार मैदागिन, चौक, गोदौलिया, दशाश्वमेध, नई सड़क, गुरुबाग, लंका, बेनियाबाग, लहुराबीर, हथुआ मार्केट, सिगरा, अर्दली बाजार आदि इलाके की दुकानें बंद हो गईं। कुछ इलाकों में महंगाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बड़े शो-रूम के आधा शटर गिरे रहे। अल्पसंख्यक बाहुल्य इलाकों में बंदी का व्यापक असर दिखा। फिलहाल बनारस में बंदी शांतिपूर्ण रही।
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सोमवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लहुराबीर से मैदागिन, चौक, गिरिजाघर, नई सड़क, चेतगंज होते हुए लहुराबीर तक करीब छह किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकालकर पेट्रो पदार्थ एवं महंगाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान नेताओं ने व्यापारियों से शांतिपूर्ण बंदी की अपील की।
प्रियंका चतुर्वेदी ने बंद के समर्थन के लिए काशी की जनता का आभार जताते हुए कहा केंद्र सरकार की नीतियों की भर्त्सना की। उन्होंने कहा कि काशी के सांसद और देश के पीएम हर मोर्चे पर विफल हैं। महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं का दाम आसमान छू रहा है। आज की बंदी महंगाई पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने और कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए था।