शिवभक्तों ने बाबा की अगवानी में काशी की गलियों में गुलाल की होली खेली। विश्वनाथ गली अबीर-गुलाल की बौछार से लाल हो गई। माता गौरा के गौना की बरात पहुंचने के साथ ही रंगभरी एकादशी का उल्लास काशी के कण-कण में छा गया है।
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भूत-प्रेत और पिशाचों की टोली के साथ निकली शोभायात्रा
- फोटो : अमर उजाला
सात वार नौ त्यौहार वाले शहर बनारस में रंगभरी एकादशी पर शुक्रवार को अनूठा रंगोत्सव देखने को मिला। शुक्रवार को रविन्द्रपुरी स्थित भगवान कीनाराम स्थली क्रीं कुंड से औघड़ संतों ने विशाल शोभायात्रा निकाली। जिसमें हजारों की संख्या में लोग नाचते-गाते नजर आए।
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लोग नाचते-गाते नजर आए।
- फोटो : अमर उजाला
शिवभक्तों ने बाबा की अगवानी में काशी की गलियों में गुलाल की होली खेली। विश्वनाथ गली अबीर-गुलाल की बौछार से लाल हो गई। माता गौरा के गौना की बरात पहुंचने के साथ ही रंगभरी एकादशी का उल्लास काशी के कण-कण में छा गया है।
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माता गौरा के गौने की तैयारी पूरी
- फोटो : उज्जवल गुप्ता
घरातियों ने दूल्हा बने बाबा विश्वनाथ पर ठंडई और गुलाबजल की फुहार की। फल, मेवा और ‘रंगभरी ठंडई’ से आवभगत किया।
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मां पार्वती और भोला बाबा जलती चिताओं के बीच भस्म की होली खेलेंगे।
- फोटो : अमर उजाला
पूजन, अनुष्ठान के विधान पं. सुनील त्रिपाठी के आचार्यत्व में हुए।
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भोले बाबा और मां पार्वती जलती चिताओं के बीच भस्म की होली खेलेंगे
- फोटो : उज्जवल गुप्ता
बाबा का ससुराल में स्वागत धर्मसंघ शिक्षा मंडल के महामंत्री जगजीतन पांडेय ने किया।
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अद्भुत शोभायात्रा
- फोटो : अमर उजाला
शोभायात्रा जब हरिश्चंद्र घाट पर पहुंचेगी तो भोले बाबा और मां पार्वती जलती चिताओं के बीच भस्म की होली खेलेंगे।