अगले वर्ष जनवरी में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए केंद्र और यूपी सरकार दोनों ने तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। 15वां प्रवासी भारतीय सम्मेलन वाराणसी के दीनदयाल हस्तकला संकुल में होगा। हाल ही में पीएम मोदी ने काशी की जनता से सहयोग करने के लिए तैयार रहने को कहा तो रविवार को वाराणसी में यूपी के मुख्यमंत्री ने बैठक कर संवाद किया। बड़ालालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में प्रवासी भारतीय सम्मलेन में जनसहभागिता के लिए आयोजित संवाद में मुख्यमंत्री ने काशीवासियों से अपील किया। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी भारतीय सम्मलेन में जनसहभागिता के लिए आयोजित संवाद में कहा काशी का उत्साह देखकर हम भव्य आयोजन के प्रति आश्वस्त हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में आयोजन कर के यूपी को सौगात दी है। उन्होंने सफाई और यातायात व्यवस्था में भी जनसहभागिता की अपील की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने काशी आतिथ्य और सुगम दर्शन ऐप लांच किया।
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सीएम ने आगे कहा कि कम से कम हम लोगों को ये प्रयास करना चाहिए कि 2 हजार परिवार काशी के अंदर ऐसे रजिस्टर्ड हों जिनके घरों में कम से कम एक-एक अतिथि (प्रवासी भारतीय) को ठहराने की व्यवस्था कर सकें। उन्होंने कहा कि भारत की 'अतिथि देवो भव' परंपरा रही है। काशी भारत की सांस्कृतिक राजधानी है। काशी के संस्कार, संस्कृति पूरे भारतीयता के संस्कार और संस्कृति बनती है। सीएम ने कहा कि काशी की परम्परा के अनुरूप अतिथि देवो भव: की तर्ज पर अपने घरों में मेहमानों को ठहराएं।
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सीएम ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस 21, 22 और 23 जनवरी 2019 को भगवान भोलेनाथ बाबा काशी विश्वनाथ की धरती पर आयोजित होना है। पूरी दुनिया से सात से आठ हजार प्रवासी भारतीयों का इस अवसर पर काशी में आगमन होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन (प्रवासी भारतीय सम्मेलन) अपने आप में भव्य हो, दिव्य हो। भारतीय संस्कृति को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक अद्भुत अवसर हम सब के सामने होगा।
उन्होंने कहा कि यहां पर प्रवासी भारतीय दिवस का एक ऐप लांच हुआ है, जिसमें कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है कि मैं भी एक अतिथि को अपने घर पर ठहराऊंगा। कम से कम हम लोगों को ये प्रयास करना चाहिए कि दो हजार परिवार काशी के अंदर ऐसे रजिस्टर्ड हों जिनके घरों में कम से कम एक-एक अतिथि (प्रवासी भारतीय) को ठहराने की व्यवस्था कर सकें। उन्होंने दो हजार परिवारों को आव्हान किया की एक एक प्रवासी को घर ठहराए और दुनिया को काशी आतिथ्य का संदेश दें।