आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 46वां जन्मदिन है। मुख्यमंत्री को बधाई देने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में जन्मे और गोरखपुर मठ के महंथ से प्रदेश के मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ का का रिश्ता आजमगढ़ से बड़ा ही गहरा रहा है। शायद बहुत कम ही लोग ये बात जानते होंगे कि इस रिश्ते की गहराई का राज क्या है? आगे की स्लाइड्स में जानिए..
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- फोटो : amar ujala
इसका सबसे बड़ा कारण है कि जब-जब हिंदुत्व पर आंच आई, तब-तब वह ढाल बनकर खड़ा होते रहे। यही वजह है कि आजमगढ़ जिले में उनके समर्थकों की संख्या अधिक है। उन्होंने कई बार यहां सभाएं कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री बनने से पहले भी जिले में उनके आगमन की सूचना मिलते ही प्रशासन सतर्क हो जाता था। एक वक्त ऐसा भी आया था जब प्रशासन ने जिले में उनके प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
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वर्ष 2008 में आजमगढ़ जिले के तकिया क्षेत्र में उनके ऊपर हुए हमले के बाद प्रशासन की नजर उनके काफिले पर तब तक लगी रहती थी जब तक वह जिले की सीमा से बाहर न चलें आएं। कुछ पुरानी घटनाओं पर गौर करें तो वर्ष 2003 में प्रतिष्ठित शिब्ली नेशनल कालेज के होनहार छात्र अजीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जीयनपुर के रहने वाले अजीय राय के परिवार का संबंध जीयनपुर क्षेत्र में स्थित नाथ संप्रदाय के मठ से था।
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अजीत की हत्या के बाद जब निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो समर्थन में योगी आदित्यनाथ खड़ा हुए। इससे पूर्व दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारामहमूदपुर गांव में हुए हिंसा की घटना के बाद आदित्यनाथ खड़े हुए, बल्कि पीड़ितों को न्याय भी दिलवाया। उनके इस तेवर से विपक्षी काफी घबरा गए थे। शायद यही कारण है कि वर्ष 2008 में शहर में हिंदू महासम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि योगी आदित्यनाथ ही थे।
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कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए योगी अपने काफिले के साथ शहर के तकिया मुहल्ले से होकर गुजर रहे थे। तभी कुछ शरारती तत्वों ने उनके काफिले पर हमला बोल दिया था। इस घटना के बाद उपजे हालात पर प्रशासन ने बड़ी मुश्किल से काबू पाया था। इसी घटना के बाद प्रशासन ने योगी जी को आजमगढ़ शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था।
वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदित्यनाथ योगी के कंधे पर प्रदेश का भार सौंप दिया। मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद योगी आदित्यनाथ 25 मई को आजमगढ़ जिले में समीक्षा करने आए थे। एक वर्ष के कार्यकाल में ऐसे तीन-चार मौके आए जब सीएम योगी आजमगढ़ पहुंचे।