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काशी के अर्धचंद्राकार घाटों पर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए उमड़ी भीड़, देखें तस्वीरें 

Wed, 10 Nov 2021 08:55 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बुधवार की दोपहर से ही राजघाट, प्रह्लाद घाट, गायघाट, पंचगंगा घाट, ब्रह्मा घाट तक आस्थावान महिलाएं और पुरुषों सहित बच्चों की भीड़ गंगा किनारे जुटने शुरू हो गई थी।
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दशाश्वमेध घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए उमड़ी महिलाओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
काशी के अर्धचंद्राकार घाटों पर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए आस्थावानों का रेला उमड़ा। श्रद्धालुओं की लाखों अंजुरियां एक साथ जुड़ीं। सूर्यदेव को नीर-क्षीर के अर्घ्य की धार आस्था से अर्पित की। कोई दंडवत तो कोई नंगे पैर भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने पहुंचा। अस्सी से राजघाट, वरुणा के किनारे और कुंडों पर आस्थावानों का रेला लगा रहा।
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अस्सी घाट पर छठ पर्व पर पूजा करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
बुधवार की शाम को लोकआस्था के महापर्व सूर्य षष्ठी पर आरोग्य, दीर्घायु, श्रीसमृद्धि और संतति कामना के साथ दोपहर से ही श्रद्धा और आस्था की डोर में बंधे हजारों कदम गंगा, वरुणा और कुंडों की ओर मुड़ चले। व्रती महिलाएं हाथ में ज्योति लेकर छठ गीत गाते हुए घाट तक पहुंचीं। युवतियों के हुजूम ने जहां ढोल और नगाड़े की थाप पर झूम नाचकर पर्व के उल्लास में रंग भर दिए, वहीं नगाड़ों की थाप के बीच बज रही बधाइयों का सिलसिला भी चलता रहा।
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शीतला घाट पर उमड़ी महिलाओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
शाम चार बजते-बजते स्थिति यह हो गई कि सामनेघाट से लेकर राजघाट तक केवल श्रद्धालुओं का रेला ही नजर आ रहा था। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का एक तरफ से घाट को जाने का क्रम जारी था तो वहीं दूसरी तरफ व्रती महिलाएं पुन: घाट पर आने के संकल्प के साथ घर को वापस लौटीं।

भगवान भास्कर के तेज से आएंगी खुशियां

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छठ पर्व पर उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी के दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद सप्तमी पर उदीयमान सूर्य को व्रती महिलाएं अर्घ्य अर्पित करेंगी। भोर में गंगा के जल में खड़े होकर भगवान भास्कर का इंतजार करती महिलाएं कामना करती हैं कि जब सूर्य निकलेंगे तो उनके तेज से इनके घर में सुख, सौभाग्य और खुशियां भर जाएंगी।
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भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए आस्थावानों का रेला उमड़ा। - फोटो : अमर उजाला
छठ के महापर्व पर नगर निगम के साफ-सफाई के दावे हवा-हवाई साबित हुए। गंगा के तट पर श्रद्धालुओं को सिल्ट और गंदगी का सामना करना पड़ा। घाट पर से मिट्टी व सिल्ट नहीं हटाने के कारण दलदल की स्थिति बनी रही। गिरते-पड़ते श्रद्धालु किसी तरह से पूजा करने के लिए कोसते हुए घाट पर पहुंचे और पूजन संपन्न किया।
 
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बरेका के सूर्य सरोवर जुटी व्रती महिलाएं

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भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
बरेका के सूर्य सरोवर पर बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। सूर्य सरोवर पर श्रद्धालु महिलाओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। बरेका की महाप्रबंधक अंजली गोयल ने पूजा अर्चना की। उसके बाद व्रती महिलाओं ने अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य दिया। छठ समिति की तरफ से व्रती महिलाओं के साथ आए लोगों के लिए रुकने व खाने पीने की व्यवस्था की गई। अध्यक्ष चन्द्रेश्वर ओझा ने बताया कि महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए सरोवर के चारो तरफ चेंजिंग रूम बनाए गए थे। संतोष सिंह की तरफ से नि:शुल्क चाय वितरण किया गया।
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