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ज्ञानवापी में शिवलिंग या फव्वारा, कार्बन डेटिंग से पता चलेगा: हिंदू पक्ष की अपील कोर्ट में मंजूर, जानें मामला

Thu, 22 Sep 2022 10:05 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले में अब 29 सितंबर को सुनवाई - फोटो : अमर उजाला
ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन व अन्य विग्रहों के संरक्षण का मुकदमा सुनवाई योग्य करार दिए जाने के बाद अब इस मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में जारी रहेगी। जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में गुरुवार को सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु जैन ने सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग की भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के एक्सपर्ट से कार्बन डेटिंग कराने का अनुरोध किया। इस मामले में जिला जज ने 29 सितंबर की तारीख नियत करते हुए अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी से आपत्ति दाखिल करने को कहा है।

हिंदू पक्ष की ओर से ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग के पक्ष में कहा गया कि इससे यह स्पष्ट होगा कि वह शिवलिंग है या फव्वारा। केमिकल के जरिये 62 हजार वर्ष तक का आकलन किया जा सकेगा। ऐसे में यह भी पता चल सकेगा कि कितनी पुरानी है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि ये शिवलिंग नहीं बल्कि एक फव्वारा है। अदालत ने इस आवेदन पर अंजुमन इंतजामिया से 29 सितंबर तक आपत्ति दाखिल करने को कहा है।
पढ़ें: ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी मामले में मुस्लिम पक्ष को लगा झटका, अगली सुनवाई 29 सितंबर को
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अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला
अंजुमन इंतजामिया कमेटी की ओर से ऑर्डर 7 रूल 11 के आवेदन के निपटारे के बाद आठ सप्ताह सुनवाई टाले जाने के आवेदन पर जिला जज की कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 मई के आदेश में ट्रायल पर स्थगन का आदेश नहीं दिया है। ऐसे में सुनवाई जारी रहेगी।
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु जैन - फोटो : अमर उजाला
अंजुमन की तरफ से अधिवक्ता रईस अहमद, मेराजुद्दीन सिद्दीकी व मुमताज अहमद ने श्रृंगार गौरी वाद के सभी 52 बिंदुओं पर जवाबदेही दाखिल की। जिस पर हिंदू पक्ष की तरफ से अधिवक्ता मानबहादुर सिंह ने कड़ा विरोध किया और कहा कि 90 दिनों की मियाद समाप्त होने के बाद यह दाखिल की गई है। ऐसे में देरी के बाबत बिना उचित कारण बताए और शपथपत्र लिए बगैर इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इस मामले में उचित कारणों के साथ शपथपत्र दाखिल करने को कहा है।

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अदालत परिसर में वादी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
हिंदू पक्ष की तरफ से एक आवेदन कोर्ट में दिया गया है, जिसमें सर्वे में मिले शिवलिंग को प्रशासन की अभिरक्षा में देने और राग भोग पूजा पाठ अनवरत करने की मांग की गई है। अदालत ने इन सभी सभी आवेदनों पर सभी पक्षकारों से आपत्ति मांगते हुए सुनवाई की तिथि 29 सितंबर नियत कर दी।
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हिंदू पक्ष के अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को सुनवाई के दौरान ऑर्डर 1 रूल 10 के तहत 16 लोगों के आवेदन में नौ पक्षकार ही मौजूद रहे। इसमें से एक पक्षकार ने नाम वापस ले लिया। जबकि गैरहाजिर सात आवेदकों के आवेदन को न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
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वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
पक्षकार बनने के लिए दिए गए आवेदन पर वादी पक्ष की ओर से विरोध किया गया कि बिना वादी पक्ष की अनुमति के किसी को पक्षकार नहीं बनाया जा सकता है। इस मुद्दे पर संबंधित लोगों से कोर्ट ने आपत्ति मांगी है और 29 सितंबर को पक्षकार बनने के आवेदनों का भी निस्तारण किया जाएगा। 
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