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बनारस में सुबह से ही छलकने लगते हैं ‘जाम’, नियम को ताक पर रखकर हो रही मनमानी

Thu, 19 Apr 2018 02:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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liquor - फोटो : अमर उजाला
एक अप्रैल से देशी-अंग्रेजी शराब और बीयर ठेके के खुलने का समय दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक का कर दिया गया है। इस संबंध में ठेके का लाइसेंस लेने वालों को भी भलीभांति समझा दिया गया है। मगर, बनारस में आबकारी विभाग और पुलिस की मिलीभगत से देशी शराब ठेका संचालक मनमानी पर उतारू हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...


 
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liquor - फोटो : अमर उजाला
पुलिस चौकियों और पिकेट के पास स्थित देशी शराब ठेके भी सुबह सात बजे तक खुल जाते हैं और थोड़ी ही देर बाद नशे में धुत लोगों का जमावड़ा होना शुरू हो जाता है। आबकारी विभाग और पुलिस के साथ ही इस संबंध में जिला प्रशासन के अधिकारियों की भी चुप्पी गंभीर सवाल उठाती है।

 
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liquor - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक शराब और बीयर बिकने संबंधी निर्देश को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर हैं। इसके बावजूद पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारी इस संबंध में गंभीरता नहीं बरत रहे हैं, इसे लेकर आमजन भी हैरत में हैं। 

 

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liquor - फोटो : अमर उजाला
जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह का कहना है कि देशी शराब ठेकों के 12 बजे से पहले खुलने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। 17 अप्रैल को सभी को बैठक में समझाया गया था। गुरुवार को निरीक्षकों को भेज कर ठेका संचालकों को फिर चेताया जाएगा। इसके बाद भी सुधार न आने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

 
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up police - फोटो : अमर उजाला
केस-1
दरवाजा बंद कर ला, आराम से मजा ला गुरु (लंका चौराहा के पास)

लंका स्थित मालवीय प्रतिमा से चंद कदम दूर सामने घाट मार्ग पर प्राचीन मंदिर के बगल में स्थित देशी शराब ठेके के भीतर सात-आठ लोग सुबह आठ बजे मद्यपान करते नजर आए। जो भी अंदर जा रहा था उसे पहले से बैठे लोग तत्काल दरवाजा बंद करने की नसीहत दे रहे थे। ठेके से सौ कदम दूर मालवीय चौराहा पर पिकेट लगता है और लगभग सौ मीटर से कम दूरी पर पुलिस चौकी है।

केस-2
खींच ला फोटो, देखत हई का होई (रामनगर का साहित्य नाका मोड़)

रामनगर के साहित्य नाका मोड़ स्थित देशी शराब ठेके पर सुबह नौ बजे अच्छी खासी भीड़ थी। जब अमर उजाला संवाददाता ने ठेके की तस्वीर खींची तो सेल्समैन भड़क गया। देख लेने की धमकी देते हुए बोला कि फोटो खींच लो। देखते हैं हमारा कौन क्या बिगाड़ेगा। सबको पैसा पहुंचाते हैं तब इतना सुबह से खुलेआम बेचते हैं। 
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Liquor
केस-3
ठेका खुला नहीं और बिक्री शुरू हो गई (भोजूबीर तिराहा)

भोजूबीर तिराहा शहर के व्यस्त और महत्वपूर्ण स्थान में से एक है। यहां स्थित देशी शराब ठेके के खुलते ही ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई। 9:15 बजे तक ठेके के आसपास कुछ लोग नशे में धुत भी नजर आने लगे। पुलिस मौजूद थी लेकिन जाकर ठेके पर यह पूछने कि हिम्मत नहीं हुई कि सुबह नौ बजे से ही शराब क्यों बेची जा रही है।

केस-4
20 से 30 रुपये खर्च करना पड़ता है अतिरिक्त

कई ठेका संचालक अपने आसपास की चिखना (नमकीन, पानी इत्यादि की दुकान) की दुकान पर भी 25-50 शीशी देशी शराब रखते हैं। 12 बजे के पहले ठेका या चिखना की दुकान से देशी शराब खरीदने के लिए 20 से 30 रुपया अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। देशी शराब ठेका संचालकों की मनमानी देख अंग्रेजी शराब और बीयर ठेके के संचालक भी नगर क्षेत्र से बाहर के इलाकों में दोपहर 12 बजे के पहले चोरीछिपे बिक्री करते रहते हैं।
 
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liquor shimla
-देशी शराब ठेका - 302

-अंग्रेजी शराब ठेका - 167

-बीयर ठेका - 148

-मॉडल शॉप - 9

-भांग ठेका - 88
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