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पूर्वांचल में खिला कमल, केसरिया लहर के ये हैं पांच बड़े कारण

Sun, 12 Mar 2017 12:34 PM IST
amarujala.com- Presented by: शैलेश कुमार शुक्ल
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मोदी शाह - फोटो : pti
भगवान श्रीराम के 14 साल बाद वनवास से लौटने पर जिस प्रकार की खुशी अयोध्या में मनाई गई थी, कुछ उसी तरह का जश्न आज प्रदेश में हैं। सड़कों पर जय श्रीराम, हर-हर महादेव के जयकारों के बीच मोदी-मोदी गूंज रहा है। आगे की स्लाइड में जानें भाजपा के विजय के पांच बड़े कारण-
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modi in temple - फोटो : twitter
यूपी में भाजपा के विजय का सबसे बड़ा कारण रहा पीएम मोदी और अमित शाह की अजेय जोड़ी रही। इसी का असर हुआ है कि भारतीय जनता पार्टी ने 14 साल का सूखा खत्म करते हुए उत्तर प्रदेश में सियासी वनवास खत्म किया।
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pm modi in gadhavaghat - फोटो : अमर उजाला
भाजपा ने पूर्वांचल समेत पूरे उत्तर प्रदेश में सोशल इंजीनियंरिंग का मास्टर स्ट्रोक खेला। इसके तहत भाजपा ने दलित, अति दलित, पिछडों को जोड़ने का प्रयास किया। इसके ‌लिए बीजेपी पिछले दो साल से प्रयास कर रही थी। इसमें मोदी का गढ़वा घाट जाना भी कारगर रहा।

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सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज में चुनावी जनसभा को संबोधित करते शाह - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के 'चाणक्य' अमित शाह ने छोटे दलों के साथ गठबंधन किया। इस गठबंधन ने पूर्वांचल की 61 सीटों पर कमाल कर दिया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और अपना दल के गठबंधन ने भाजपा को उन जातियों के भी वोट दिलाए जो उसे अब तक नहीं मिले थे।
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मायावती
गैर जाटव, अति दलित और पिछडों के भाजपा से जुड़ने से बसपा का बेस वोट बैंक खाली हो गया। इसके अलावा बसपा सुप्रीमो मायावती का मुसलमानों और ब्राह्मणों को जोड़ने का प्रयास काम नहीं आया। दोनों ही ने हाथी की सवारी नहीं की।
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rahul akhilesh - फोटो : अमर उजाला
पांचवां सबसे बड़ा कारण अखिलेश और राहुल गांधी की जोड़ी को जनता ने खारिज कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले सपा में आंतरिक कलह ने भी पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचाया।
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