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PHOTO: फोन से अपनों का हालचाल लेते रहे रिश्तेदार, देर शाम तक हटता रहा मलबा; यहां देखें भयावह हादसे का मंजर

Tue, 06 Aug 2024 07:09 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी विश्वनाथ मंदिर के पास हुए दर्दनाक हादसे में नौ लोग घायल हो गए। सभी को मंडलीय अस्पताल में भेजा गया गया है। एक महिला प्रेमलता की मौत हो गई है। हादसे के बाद मौके पर तकरीबन 500 पुलिसकर्मी थे। गोदौलिया से मैदागिन वाले मार्ग को बंद कर कर दिया गया था।
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मंडलीय अस्पताल में घायल युवती का हालचाल जानते रिश्तेदार। - फोटो : अमर उजाला
चौक थाना क्षेत्र के काशी विश्वनाथ मंदिर के येलो जोन में मंगलवार की भोर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिन भर हर किसी के जुबान पर उसी की चर्चाएं रहीं। पांच मंजिला दोनों मकान गिरने के बाद प्रशासनिक अमले ने इलाके को अपनी कैद में ले लिया। रास्ते बंद कर दिए गए। काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का दर्शन करने वाले भक्तों सुरक्षा के साथ अंदर भेजा जा रहा था।
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घायलों ने फोन से रिश्तेदारों को बताया- मैं ठीक हूं, हल्की चोट लगी है। - फोटो : अमर उजाला
दूसरी तरफ, घायलों को अस्पताल भेजा गया था। यहां हालत गंभीर होने पर चार लोगों को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं, एक महिला की मौत के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अस्पताल में घायलों के परिजनों की भी भीड़ लग गई। फोन के माध्यम से घायल और तीमारदार, रिश्तेदारों को हालचाल बता रहे थे।
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घायल आरक्षी इंदू बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में हैं। - फोटो : अमर उजाला
घायल आरक्षी इंदू बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में हैं। इनके जबड़े का ऑपरेशन होगा। दाएं हाथ में दो जगह छह टांका लगा है। 2016 बैच की आरक्षी इंदू मूल रूप से मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र की रहने वाली हैं। फिलहाल, वह चोलापुर थाने में तैनात हैं। काशी विश्वनाथ धाम में दर्शनार्थी चेकिंग प्वाइंट पर ड्यूटी के दौरान यह हादसे का शिकार हुई थी।

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एनडीआरएफ की टीम ने संभाली सुरक्षा की कमान। - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल पर जाने वाले रास्ते पर पुलिस प्रशासन की टुकड़ी तैनात रही। मलबे का हटाने का कार्य जारी रहा।
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एनडीआरएफ की टीम ने संभाली सुरक्षा की कमान। - फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मियों का कहना था कि बाबा विश्वनाथ की बड़ी कृपा है कि सोमवार को हादसा नहीं हुआ। सावन के प्रत्येक सोमवार को विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के लिए रविवार रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है। जिस गली के समीप दोनों जर्जर मकान गिरे हैं, उससे भी श्रद्धालु विश्वनाथ धाम में प्रवेश करते हैं।
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मकान गिरने के बाद का नजारा। - फोटो : अमर उजाला
करीब पांच घंटे बाद सुबह 8:30 बजे राहत और बचाव कार्य खत्म हुआ। संकरी गली में घनी बसावट वाला इलाका होने के कारण राहत और बचाव के काम में लगे जवानों को दिक्कत हुई।
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सामाजिक लोगों ने भी अस्पताल में घायलों का जाना हाल। - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास हुए इस हादसे के बाद हर कोई मौके पर गया। वहां से अस्पताल पहुंचे घायलों का हाल देखने के लिए नेताओं और सामाजिक लोगों का भी जमावड़ा रहा। 

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नगर आयुक्त ने लिया हालात का जायजा। - फोटो : अमर उजाला
हादसे की सूचना पाकर मौके पर जिले का हर अधिकारी पहुंच गया। हालात का जायजा लेने के साथ ही बचावकर्मियों को दिशा-निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने भी बचाव कार्यों का जायजा लिया।

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बचाव कार्य में लगे लोग। - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ मंदिर के 4ए गेट के पास स्थित गंगेश्वर मंदिर के शिखर पर मकान गिरकर अटक गया। हर कोई इसे बाबा की महिमा बता रहा था। इसी क्रम में बचावकर्मियों ने लोगों को मलबे से बाहर निकाला।

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चंद मिनटों में पांच मंजिला मकान बन गया मलबा। - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार, खोवा गली में दो मकान (28.7 और 28.6) गिरे हैं। 28.6 का मकान अशोक यादव का है। इसमें दो दुकानें हैं, माला-फूल और कचौड़ी की। 28.7 रमेश गुप्ता का मकान है। इसमें भी दो दुकानें हैं। दुकान के मालिक अनूप गुप्ता ने कहा कि हम लोगों ने मंदिर प्रशासन को कई बार शिकायती पत्र दिया था कि यह मकान गिरवा दिया जाए बावजूद इसके प्रशासन ने हमारी एक न सुनी। करीब दस वर्षों से यह मकान जर्जर अवस्था में है।
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घायलों को ले जाने के लिए पहुंची एंबुलेंस। - फोटो : अमर उजाला
मौके पर मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक संवेदना जताई है। मंडलायुक्त ने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग 50 लोगों को नोटिस दी गई है ताकि उनकी मरम्मत करवा दी जाए। नगर निगम के माध्यम से उन्हें कहीं और रहने को कहा जाएगा।

मरम्मत के बाद अपने मकान में शिफ्ट करें। महिला की मौत पर मंडलायुक्त ने कहा कि उनके गले पर कोई भारी सामान गिर गया था। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। बाकी नौ लोगों का रेस्क्यू किया गया है। मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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