फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चश्मदीदों ने बयां किया हत्या का खौफनाक मंजर, दोस्त बोले- आंखों के सामने चलाई गईं ताबड़तोड़ गोलियां 

Wed, 03 Apr 2019 01:23 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 10
वाराणसी के बीएचयू में मंगलवार को हुए कत्लेआम में कई अन्य लोगों की भी जान जा सकती थी। संयोग अच्छा था कि वहां उपस्थित लोग बच गए। 10 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की पांच गोलियां तो अकेले गौरव सिंह को ही लगी थी। गौरव के साथ मौजूद छात्रों ने बयां किया वारदात का खौफनाक मंजर, देखें आगे की स्लाइड्स में...
विज्ञापन

2 of 10
बीएचयू परिसर स्थित बिड़ला 'ए' चौराहे के समीप दो बाइकों पर सवार बदमाशों ने सरेराह जिस तरह से अंधाधुंध फायरिंग की, उससे कई छात्रों और राहगीरों की जान जा सकती थी। गौरव के साथ मौजूद छात्रों ने कहा कि संयोग अच्छा था कि अन्य लोग बाल-बाल बच गए। छात्रों ने बदमाशों ईंट-पत्थर फेंकने शुरू किए तो सभी भाग निकले।
विज्ञापन

3 of 10
आशुतोष सिंह और आशीष ने बताया कि बाइक सवार बदमाश बिड़ला 'ए' चौराहे के पास आए और गौरव को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। आठ से दस राउंड हुई फायरिंग से भगदड़ मच गई। गोली चलने की आवाज सुन कर वहां से गुजर रहे कई राहगीर अपनी बाइक और साइकिल छोड़ कर भाग खड़े हुए। माहौल सामान्य होने पर सभी ने अपनी बाइक और साइकिल ली। 

4 of 10
आशुतोष सिंह और आशीष का कहना है कि बदमाशों ने रेकी कर गौरव के बारे में सूचना एकत्रित की होगी, इसके बाद वह बिड़ला 'ए' चौराहे के पास आए और वारदात को अंजाम दिया। उधर, लंका पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2017 में बीएचयू परिसर में हुए बवाल और आगजनी की घटना में गौरव का नाम पहली बार आया। इसके बाद अलग-अलग हिंसक घटनाओं में उसका नाम सामने आने लगा और उसके खिलाफ लंका थाने में मुकदमे दर्ज होते चले गए।
विज्ञापन

5 of 10
मृत छात्र गौरव - फोटो : अमर उजाला
गौरव को गोली मारे जाने के दौरान उसके साथ मौजूद उसके गांव के ही आशीष ने बताया कि हमारे घर से लगातार फोन आ रहा था। गौरव और हम दोनों लोग जाने के लिए निकले, लेकिन उसके दोस्त दिख गए। इसके चलते वह रुककर उनसे बात करने लगा। गौरव न रुकता तो शायद उसकी जान बच जाती।
विज्ञापन

6 of 10
गौरव की हत्या के आरोपी बदमाशों के वारदात को अंजाम देने के बाद वहां मौजूद छात्रों ने उन पर पथराव कर दिया। इसमें दो आरोपियों को चोंटे आईं। इसमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीन अन्य को पुलिस लाइन में रखा गया है। 
विज्ञापन

7 of 10
बीएचयू में 700 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी वॉकी टॉकी के साथ तैनात रहते हैं। इन पर सालाना करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। जहां गौरव की गोली मार कर हत्या की गई वहां से प्रॉक्टोरियल बोर्ड का कार्यालय चंद कदम दूर है। इसके बावजूद बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस घटना ने बीएचयू के सुरक्षा तंत्र की पोल खोल कर रख दी है। बिड़ला हॉस्टल के इर्दगिर्द हमेशा बवाल होता है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक यहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगवाया है। वहीं, ट्रॉमा सेंटर पहुंचे छात्रों ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह को दी गई तो उन्होंने सही से बात तक नहीं की। इसे लेकर चीफ प्रॉक्टर के प्रति छात्रों में काफी गुस्सा देखने को मिला।

8 of 10
गौरव की हत्या की सूचना के बाद बीएचयू ट्रामा सेंटर पर छात्र जुटना शुरू हो गए। बवाल की आशंका के मद्देनजर डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी फोर्स के साथ ट्रामा सेंटर पर कैंप कर रहे हैं। वाराणसी कैंट के सीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला आपसी रंजिश का है, पुलिस चार लोगों को गिरफ्तार कर के पूछताछ कर रही है। इसके अलावा इस घटना से जुड़े अन्य छात्रों को हिरासत में लेकर मामले की पूछताछ जारी है। लंका पुलिस ने बुधवार को गौरव के पिता की तहरीर पर बीएचयू चीफ प्रॉक्टर समेत पांच लोगों को खिलाफ नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

9 of 10
विवेक सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
शहर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का माहौल अराजक हो गया है। बीएचयू में छात्र गुटों के बीच कभी भी बवाल शुरू हो जाता है। वहीं, शहर स्थित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों द्वारा बीते साल से अब तक फायरिंग कर हत्या या हत्या के प्रयास का यह तीसरा मामला है। बीती 24 फरवरी की रात यूपी कॉलेज परिसर में छात्रनेता विवेक सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। 
विज्ञापन

10 of 10
जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
31 अक्तूबर 2018 को काशी विद्यापीठ के छात्र आलोक उपाध्याय और उसके तीन दोस्तों ने जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग कर दो लोगों की हत्या कर दी थी और दो लोगों की हत्या का प्रयास किया गया। दिसंबर 2018 में हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव परिणाम आने के बाद सप्तसागर मंडी निवासी दवा व्यापारी भाइयों के घर में घुस कर मारपीट और छेड़खानी की गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें