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ऑक्सीजन सिलेंडर ने सिर से छीन लिया पिता का साया, बेटे के घर आने का इंतजार करती रही मां की आंखें

Fri, 29 Mar 2019 02:02 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
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जो ऑक्सीजन इंसान की जिंदगी के लिए इतना जरूरी होता है, उसी ऑक्सीजन से भरे सिंलेडर ने पांच लोगों की सांसे छीन ली। जौनपुर में हुए ऑक्सीजन सिलेंडर विस्फोट में मरे 5 लोगों में से केवल तीन लोगों की ही शिनाख्त हो पाई है। बाकी दो लोगों के शवों के शिनाख्त कराने का प्रयास पुलिस कर रही है। ऑक्सीजन गैस एजेंसी में विस्फोट होने से एजेंसी के मालिक समेत एक ग्राहक और वकील की शिनाख्त हुई है। जिन्हें शायद मौत ही वहां खींच कर ले गई थी। देखे आगे की स्लाइड्स में...
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लाइनबाजार थाना क्षेत्र के जगदीशपट्टी के पास ऑक्सीजन गैस एजेंसी में विस्फोट की खबर मिलते ही एजेंसी संचालक प्रेम प्रकाश सिंह के पैतृक घर मडिय़ाहूं के खजुरहवा गांव में कोहराम मच गया। खजुरहवां गांव निवासी कोमल सिंह बीएचयू से प्रोफेसर के पद से रिटायर हुए हैं। उनके बेटे सत्य प्रकाश, विजय प्रकाश, प्रेम प्रकाश ऑक्सीजन सिलेंडर एजेंसी का कारोबार देखते थे। घटना की सूचना घर पर आई तो कोमल सिंह घर पर ही मौजूद थे। धीरे-धीरे ग्रामीणों की भीड़ जमा होने लगी। हर कोई एक दूसरे से फोन पर भी घटना की पुष्टि करने में लगा रहा। प्रेम प्रकाश की मां बदहवास पड़ी रही। गांव की महिलाएं उन्हें सबकुछ ठीक है कहकर ढांढस बंधा रही थी। 
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इस हादसे में मडिय़ाहूं तहसील क्षेत्र के मोकलपुर बाबागंज निवासी एडवोकेट रामयश यादव की भी जान चली गई। रामयश दो पुत्र और तीन बेटियों के पिता थे। रामयश गैस एजेंसी मालिक का मुकदमा देखते थें। वह मुकदमे के सिलसिले में ही प्रेम प्रकाश से मिलने गए थे। उसी दौरान सिलेंडर में विस्फोट हो गया और पलक झपकते ही दो मंजिला मकान धराशायी हो गया। रामयश की मौत की खबर जैसे ही उनकी पुत्री श्वेता को लगी तो घर में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी दहाड़े मार कर रोने लगी। 

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वहीं, केराकत थाना क्षेत्र के खटहरा गांव निवासी आशू यादव (20) पुत्र शोभनाथ यादव का ननिहाल जफराबाद के जमैथा गांव में था। आशू के नाना की तबीयत खराब चल रही थी। आशू के नाना अस्पताल में भर्ती थे। जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत थी। आशू ऑक्सीजन लेने के लिए ही प्रेम प्रकाश की ऑक्सीजन गैस एजेंसी पर गया था। उसी समय यह हादसा उसके लिए काल बन गया। आशू स्नातक का छात्र था। आशू के मौत की खबर सुन कर उसके घर पर कोहराम मच गया।
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वहीं, टीडी कॉलेज से बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा देकर जा रही जमैथा के लक्ष्मीशंकर यादव की पुत्री ज्योति यादव (19) और नौंवी कक्षा की छात्रा अंशू यादव पुत्री शोभनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया है। इनके अलावा वहीं एक मकान में काम कर रहे तीन मजदूर संजय, महताब आलम और महेंद्र गिरी भी चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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वहीं, मेडिसिन का होलसेल का लाइसेंस लेकर शहर में तीन लोग ऑक्सीजन सप्लाई का कारोबार कर रहे थे। जगदीशपुर में मृतक प्रेमप्रकाश सिंह अपने दो भाईयों के साथ इस धंधे में जुटे थे। उन्होंने इसके लिए आठ वर्ष लाइसेंस भी बनवाया था और मुगलसराय से सिलेंडर मंगाकर उसकी सप्लाई कर रहे थें। डीआई जवाहर सिंह के अनुसार प्रेम प्रकाश की दुकान का लाइसेंस नवीनीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरा जा रहा था। वैसे इसकी जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो रहा था तो नियम के विपरीत है।
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ऐसे हुआ था हादसा और बचाव 

गुरुवार शाम साढ़े 4 बजे ऑक्सीजन सिलेंडर एजेंसी में धमाका हुआ। 4:45 बजे मौके पर लाइन बाजार थाने की पुलिस पहुंची थी। जिसके बाद 5 बजे मौके पर दो एंबुलेंस पहुंची। 5:10 बजे एंबुलेंस तीन घायलों को लेकर रवाना हुई। वहीं, 5:26 बजे घटना स्थल पर डीएम और एसपी पहुंचे। 5:35 बजे फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। 6 बजे जेसीबी मशीन ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। 7 बजे तक मलबे से चार लोगों के शव निकाले जा चुके थे। 7:55 बजे वाराणसी से एनडीआरएफ की टीम पहुंची और इसके बाद एक और शव मिला।
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