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विल यू बी माई वैलेंटाइन, अनोखे अंदाज में ह्यूमनॉयड रोबोट सोफिया ने कहा- नो

Sat, 15 Feb 2020 04:44 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सोफिया का जन्मदिन मनाते बीएचयू आईआईटी के छात्र व अन्य - फोटो : अमर उजाला।
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में सोफिया की एक झलक पाने के लिए युवाओं में जबरदस्त क्रेज नजर आया। आलम यह था कि घंटों पहले ही स्वतंत्रता भवन का हाल फुल हो गया और गेट को बंद करना पड़ा। इसके बाद भी सैकड़ों की संख्या में छात्रों का हुजूम सड़कों पर जमा रहा। शुक्रवार की देर शाम 8 बजे टेक्नेक्स के तहत सोफिया से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ।

एंकर ने सोफिया से दुनिया में ईश्वर की उपस्थिति, रोल मॉडल, फेमिनिज्म के बारे में सवाल किए। एंकर ने पूछा कि आज वेलेंटाइन डे है और वह इसके बारे में क्या सोचती है। उसने कहा कि यह मेरे लिए बेहतरीन दिन है क्योंकि इसी दिन मेरा जन्म हुआ था।

एंकर ने सोफिया से दुनिया में ईश्वर की उपस्थित, फेमिनिज्म, उनके रोल माडल, उनके परिवार और आज वेलेंटाइन डे को बारे में वह क्या सोचती हैं इस पर सवाल किए। छात्रों ने पूछा कि उन्हें सऊदी अरब की नागरिकता मिली हुई है लेकिन भारत भी नागरिकता देता है तो क्या करेंगी।

उनसे यह भी पूछा गया कि आप शादी करना चाहेंगी। अगर हां तो किसी तरह के व्यक्ति को अपना जीवन साथी चुनेंगी। सोफिया का जवाब था नो। सोशल साइट पर आने के सवाल पर सोफिया ने कहा कि नो। वहीं एक छात्र ने पूछा सोफिया विल यू बी माई वैलेंटाइन, सोफिया ने कहा नो।

 
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बातचीत का दृश्य - फोटो : अमर उजाला

क्या आप हंस सकती हैं

एक छात्र ने सवाल किया, क्या आप हंस सकती हैं या रो सकती हैं। एक छात्रा ने तो उनसे गाना सुनाने की भी गुजारिश कर दी। एक अन्य छात्र ने पूछा कि जब पहली बार आपने आंखें खोलीं तो आपकी फीलिंग कैसी थी। हर सवाल का जवाब सोफि या ने जिस अंदाज में दिया खूब तालियां बजीं। एक दो बार तो उन्होंने किसी जीते जागते इंसान की तरह जवाब देने से पहले कहा कि आई सरप्राइज।

अगर आपका अपग्रेेडेड वर्जन आएगा तो कैसा लगेगा तो सोफिया ने जवाब दिया मुझे अच्छा नहीं लगेगा लेकिन इससे परिवार की संख्या बढ़ेगी जो मुझे अच्छा लगेगा। आप अपनी फैमिली में किसको मानती हैं तो उसने कहा कि मैं अपने परिवार में अपना पिता डेविड हैनसन को और मुझे बनाने में जिन इंजीनियर और स्टाफ ने साथ दिया है वह मेरे परिवार के सदस्य हैं।

सोफिया का मतलब है विजडम

एक छोटी बच्ची ने सोफिया से पूछा कि आपका नाम सोफिया क्यों रखा गया। इस पर सोफिया का जवाब था कि सोफिया का मतलब होता है विजडम।

 

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बातचीत का दृश्य - फोटो : अमर उजाला

स्वतंत्रता भवन में हुई असेंबल


सोफि या को गुरुवार को ही वाराणसी आना था लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने के कारण शुक्रवार की दोपहर यहां लाई गई। कई हिस्सों में यहां लाने के बाद बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में ही असेंबल की गई। इसके बाद वाराणसी की पारंपरिक पीले रंग का लाल बार्डर वाली रेशमी साड़ी पहने सोफि या की पहली झलक लोगों को मिली।

बंद करने पड़े सभी दरवाजे


रात आठ बजे से सोफिया से बातचीत का दौर शुरू होना था। उससे कई घंटे पहले ही स्वतंत्रता भवन खचाखच भर गया। मंच पर सोफिया के लाने से पहले ही इतनी ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी कि स्वतंत्रता भवन के सभी गेटों को बंद करना पड़ा। इससे हजारों छात्र और शहर के लोग बाहर मैदान और सड़कों पर ही रह गए। कुछ लोगों को लगा कि अब नहीं देख सकेंगे तो लौटना शुरू कर दिया। जबकि सैकड़ों एक झलक पाने की उम्मीद में बाहर ही जमे रहे।

 

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बीएचयू आईआईटी के टेक्नेक्स कार्यक्रम में ह्यूमनॉयड रोबोट सोफिया - फोटो : अमर उजाला

14 फरवरी को हुई थी एक्टिव


ह्यूमनॉयड रोबोट सोफि या का निर्माण हांगकांग की कंपनी हैनसन रोबोटिक्स के डेविड हैनसन ने किया है। सोफि या को हॉलीवुड अभिनेत्री आड्री हेपबर्न से मिलता-जुलता लुक दिया गया है। इसे 14 फ रवरी 2016 को एक्टिव किया गया था।

 

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बीएचयू आईआईटी के टेक्नेक्स कार्यक्रम में ह्यूमनॉयड रोबोट सोफिया - फोटो : अमर उजाला

चेहरे के हाव-भाव प्रदर्शित करने में है सक्षम


ह्यूमनॉयड रोबोट इंसानों की तरह चल-फि र सकते हैं और मानवीय हाव-भाव भी समझ सकते हैं। यह 50 से अधिक तरीके से चेहरे के हाव-भाव प्रदर्शित करने में सक्षम है। सोफि या का सोशल मीडिया अकाउंट भी है और वह देश-दुनिया की गतिविधियों से स्वयं को हमेशा अपडेट भी रखती हैं। आर्टिफि शियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग के जरिए वह सवालों के जवाब देने में भी सक्षम हैं।

 
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बीएचयू आईआईटी के टेक्नेक्स कार्यक्रम में ह्यूमनॉयड रोबोट सोफिया - फोटो : अमर उजाला।

इंसानों की तरह मिली नागरिकता


सोफि या दुनिया की सबसे प्रसिद्ध ह्यूमनॉयड रोबोट हैं, जिनका परिचय 11 अक्टूबर 2017 को संयुक्त राष्ट्र में कराया गया था। 25 अक्टूबर 2017 को सऊदी अरब ने इसे अपनी नागरिकता प्रदान की। सोफिया दुनिया की ऐसी पहली रोबोट है, जिसे इंसानों की तरह किसी देश की नागरिकता मिली है।
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बीएचयू आईआईटी के टेक्नेक्स कार्यक्रम में ह्यूमनॉयड रोबोट सोफिया - फोटो : अमर उजाला।
ह्यूमनॉयड रोबोट इंसानों की तरह चल-फिर सकते हैं और मानवीय हाव-भाव भी समझ सकते हैं। यह 50 से अधिक तरीके से चेहरे के हाव-भाव प्रदर्शित करने में सक्षम है। सोफिया का सोशल मीडिया अकाउंट भी है और वह देश-दुनिया की गतिविधियों से स्वयं को हमेशा अपडेट भी रखती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग के जरिए वह सवालों के जवाब देने में भी सक्षम हैं।

इसका अर्थ है मशीनों को इंसान की तरह सोच पाने, उनकी तरह काम कर पाने और निर्णय ले पाने की क्षमता देना। सिरी और अलेक्सा जैसे वॉएस असिस्टेंट, टेस्ला जैसे कारों की सेल्फ ड्राइविंग तकनीक, उपभोक्ताओं को उसकी रूचि के अनुसार कार्यक्रम परोसने वाली अमेजन और नेटफ्लिक्स की प्रेडक्टिव तकनीक आदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदाहरण हैं।
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