Varanasi News: बीएचयू में छात्र-छात्राओं और पुलिस-गार्डों के बीच धक्कामुक्की हुई। इस दौरान कई छात्र-सुरक्षाकर्मी सड़क पर गिरकर चोटिल हो गए। उधर, हंगामे के चलते एंबुलेंस और मरीज जाम में फंसे रहे। तस्वीरों में देखें- झलकियां
पेपर लीक के विरोध, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सोनम वांगचुक के समर्थन में बीएचयू में न्याय मार्च निकाल रहे 2500 से ज्यादा युवाओं और 200 सुरक्षाकर्मियों-पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्कामुक्की हो गई। तीन महीने बीएचयू में इस तरह का प्रदर्शन हुआ। इसमें 500 से ज्यादा लड़कियां भी शामिल थीं। आंदोलनकारी छात्र पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के वाहनों पर चढ़कर और चौराहों के गोलंबर पर खड़े होकर पोस्टर लहराते हुए नारेबाजी करने लगे।
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बीएचयू में छात्र न्याय मार्च
- फोटो : रोहित सोनकर
तिरंगा झंडा लिए मार्च कर रहे छात्र धक्कामुक्की के दौरान सड़कों पर गिर गए। पुलिस बल और प्रॉक्टोरियल के हाथ-पांव फूल गए। छात्रों की भीड़ को देखकर कैंपस के अंदर और लंका गेट पर भारी जम लग गया। कई एंबुलेंस काफी देर तक सायरन बजाती रह गईं। मरीज भी अपने निजी वाहनों को लेकर इंतजार करते रहे। करीब दो घंटे के बाद स्थिति काबू में आ सकी।
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बीएचयू में छात्र न्याय मार्च के दौरान पुलिस फोर्स
- फोटो : रोहित सोनकर
पेपर लीक और सोनम वांगचुक के समर्थन में विश्वनाथ परिसर से लेकर महिला महाविद्यालय तक तीन किलोमीटर लंबा छात्र न्याय मार्च निकाला गया। कुलपति आवास से होते हुए छात्र जैसे ही आईएमएस बीएचयू के गेट पहुंचे तो सुरक्षाकर्मियों ने रोकने का प्रयास शुरू कर दिया। इस दौरान एमएमवी तक पहुंचते ही विद्यार्थियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर खींचतान मच गई। एक दूसरे को धक्का देने के साथ ही बहसबाजी हुई। इस दौरान कई पुराने आंदोलनकारी भी इस मुहिम में शामिल होकर खुद को नेतृत्वकर्ता साबित करने की होड़ में लगे रहे।
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बीएचयू में छात्र न्याय मार्च
- फोटो : रोहित सोनकर
लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि सभी विद्यार्थी जहां से आए थे वहीं चले गए। विवि प्रशासन बताएगा कि ये बाहरी थे या कैंपस के। किसी तरह का बल प्रयोग नहीं हुआ। विवि चिह्नित करता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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बीएचयू में छात्र न्याय मार्च के दौरान पुलिस फोर्स
- फोटो : रोहित सोनकर
50 से ज्यादा को आईं चोटें
प्रदर्शन के दौरान भीड़ बेकाबू होने से 50 से ज्यादा छात्र-छात्राओं और सुरक्षाकर्मियों को चोटें भी आईं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों और पुलिस को इतने बड़े विरोध प्रदर्शन की आशंका नहीं थी। बीएचयू के पुराने छात्रों ने बताया कि कई ऐसे स्लोगन लिखे गए थे जो इससे पहले बीएचयू में कम ही देखे गए थे।
छात्रों ने कहा- अब समझौता स्वीकार नहीं
बीएचयू में छात्रों के हाथों में कई तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष भर्ती-परीक्षा प्रणाली की मांग उठाई। परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित नहीं किए जाते, तब तक हमारा आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। यह भी कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।