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पीएम के संसदीय क्षेत्र में भासपा की रैली में उमड़ी भीड़, बढ़ सकती है भाजपा की टेंशन

Mon, 29 Jan 2018 05:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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om prakash rajbhar - फोटो : अमर उजाला
भाजपा की सहयोगी भारतीय समाज पार्टी (सुहेलदेव) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सुहेलदेव जयंती के बहाने कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाकर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। रविवार को वाराणसी के छोटी कटिंग मैदान पर आयोजित रैली में करीब 40 मिनट के संबोधन में भासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने योगी सरकार पर भी हमला बोला था। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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om prakash rajbhar - फोटो : अमर उजाला
रैली के निहितार्थ निकालने में जुटे सियासी दिग्गजों का मानना है कि भासपा (सुहेलदेव) ने लोकसभा चुनाव से पहले रैली के जरिए भाजपा को न सिर्फ अपनी ताकत दिखाई है बल्कि उसको कमतर न आंकने का संदेश देने की भी कोशिश की है। 
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om prakash rajbhar - फोटो : अमर उजाला

सूत्रों की मानें तो पिछले महीनों में कई मौके आए जब सरकार ने भासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की मांग को तवज्जो नहीं दी। सरकार में साझीदार होने के बावजूद पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भी उपेक्षा की शिकायतें रही हैं। वहीं, भाजपा राजभरों का वोट बैंक साधने के  लिए राज्य मंत्री अनिल राजभर को आगे बढ़ा रही है।

 

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om prakash rajbhar - फोटो : अमर उजाला
बीते 20 जनवरी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली का प्रभारी भी अनिल राजभर को बनाया गया था। पार्टी सूत्रों की मानें तो भासपा (सुहेलदेव) आगामी लोकसभा चुनाव में कम से कम पांच सीटें चाहती है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के तहत भासपा को आठ सीटें दी थीं। 

 
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om prakash rajbhar - फोटो : अमर उजाला
इनमें चार सीटों पर भासपा जीती जबकि अन्य चार सीटों पर उसके उम्मीदवार बहुत कम अंतर से हारे थे। पार्टी ने अब लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर इस तरह की रैली आयोजित करने की तैयारी की है। पार्टी ने रैली में करीब 50 हजार से ज्यादा लोगों के जुटने का दावा किया। 

 
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om prakash rajbhar - फोटो : अमर उजाला
रविवार को रैली में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अति पिछड़ों और दलितों को जो हक और सम्मान मिलना चाहिए, वो नहीं मिला है। पिछड़ा वर्ग में कई जातियां ऐसी हैं, जो सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। एमपी, एमएलए की पेंशन बंद कर उस धन को गरीबों, बच्चियों, दिव्यांगों की शिक्षा पर खर्च करना चाहिए। 


 
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