आजमगढ़ जिले के अहरौला बाजार में थाने के पास शनिवार को दिनदहाड़े मिठाई व्यवसायी की हत्या के बाद से तनाव है। विरोध के तौर पर दूसरे दिन रविवार को भी बाजार बंद रहा। सड़क पर उतरे दुकानदारों ने एलान किया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही बाजार खुलेगा। बता दें कि शनिवार को एक मिठाई व्यवसायी की दुकान में घुसकर बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और फायरिंग करते हुए थाने के सामने से ही भाग गए। घटना स्थल अहरौला थाने से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर ही था। इसके बाद भी पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने से आक्रोशित बाजारवासियों ने चक्काजाम कर दिया था। आगे की स्लाइड्स में देखें....
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
azamgarh
- फोटो : अमर उजाला
मिठाई व्यवसायी जितेंद्र की गोली मार कर हत्या के खिलाफ पूरा बाजार एकजुट हो गया था। घटना के सवा घंटे बाद सीओ के पहुंचने पर बाजार वासी आक्रोशित हो उठे थे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे थे। स्थिति तो काफी बिगड़ गयी थी और लोग पुलिस को खदेड़ने भी लगे थे, लेकिन कुछ बुद्घिजीवियों के हस्तक्षेप पर लोग शांत हुए। एसपी रविशंकर छवि के पहुंचने और 24 घंटे में गिरफ्तारी के आश्वासन पर लाश जाम स्थल से पुलिस उठा सकी।
विज्ञापन
3 of 5
azamgarh
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को घटी घटना के बाद विरोध में बाजार बंद रहा। रविवास सुबह जब कुछ लोगों ने अपनी दुकानें खोली तो घटना का विरोध कर रहे लोगों ने बंद करा दिया। सभी दुकानदार जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस को अल्टीमेटम दिया कि आरोपी जब तक पकड़ा नहीं जाता तबतक बाजार नहीं खुलेगा। मृतक के बड़े भाई नागेंद्र मोदनवाल ने दो नामजद समेत तीन अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
4 of 5
azamgarh
- फोटो : अमर उजाला
घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। अहरौला के गिलौला बाजार निवासी 35 वर्षीय जितेंद्र उर्फ नाटे मोदनवाल पुत्र मोहन मोदनवाल अहरौला बाजार के पकड़ी बाईपास पर मिठाई की दुकान थी। शनिवार की सुबह वह अपने दो नौकरों रवि और नीरज के साथ दुकान पर नाश्ता तैयार कर रहे थे। सुबह लगभग आठ बजे एक बाइक सवार दो युवक दुकान पर पहुंचे। दोनों ने नाश्ता किया और काउंटर पर पहुंच कर जितेंद्र को रुपये भी दिए। युवकों से रुपये लेकर जितेंद्र जैसे ही पीछे घूमा कि युवकों ने उस पर ताबड़तोड़ फायर झोंक दिया।
व्यवसायी जितेंद्र मोदनवाल कई सालों से बदमाशों की टारगेट पर था। पूर्व में भी उस पर दो बार जानलेवा हमला हो चुका था। बताया जाता है कि जितेंद्र की कुछ आपराधिक किस्म के लोगों से काफी दिनों से रंजिश चल रही थी। जितेंद्र ने थाने में तहरीर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया था।