ग्रामीणों ने बताया कि सुबह बारिश काफी तेज हो रही थी। बिजली भी चमक रही थी। इसी बीच विमान हवा में ही टूटने लगा। उसका मलबा अलग-अलग बिखर रहा था। पूरे विमान का मलबा गांव के हरेंद्र यादव, महेंद्र यादव और राजेंद्र यादव के खेत में गिरा था, जबकि पायलट का शव वहां से तीन सौ मीटर दूर गांव के पास मिला।