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स्वामी स्वरूपानंद ने काशी में रखी अयोध्या राम मंदिर निर्माण की नींव, जारी किया मंदिर का नक्शा

Fri, 22 Feb 2019 10:21 AM IST
shubham न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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ram mandir - फोटो : amar ujala
ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati)  इन दिनों काशी में है। जम्मू के पुलवामा में हुए हमले के बाद देश की बदली परिस्थितियों को देखते हुए अयोध्या श्री रामजन्मभूमि रामाग्रह यात्रा और शिलान्यास का कार्यक्रम स्थगित हो गया था। वहीं गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati)  ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण की नींव काशी में रखी है। देखें आगे की स्लाइड्स में...
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ram mandir - फोटो : amar ujala
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati) ने गुरुवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए वाराणसी में नींव रखी। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के निर्माण का नक्शा भी जनता के सामने प्रस्तुत किया। अयोध्या में होने वाले राम मंदिर निर्माण के संकल्प के अनुसार शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati) ने गुरुवार को विद्या मठ में नंदा, भद्रा, जया, और पूर्णा नामक चांदी की ईंटें रखी।
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ram mandir - फोटो : amar ujala
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati) ने इन चारों ईंटों को मंदिर निर्माण की नींव बताई। ये चांदी की ईंटें उनके शिष्य गिरीश चंद्र तिवारी लेकर आए थे। वहीं अयोध्या में उनके शिष्य गोविंदा नंद महाराज ने चांदी की ईंटें रखकर पूजा पाठ किया। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati) ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण 67 एकड़ में होगा। शंकराचार्य ने कहा कि जो विवादित स्थल है वही परम आराध्य का जन्मस्थली है। ऐसे में मंदिर वहीं बनेगा। वरना देश में तो हजारों ऐसी जगह है जहां मंदिर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें हमारे आराध्य भगवान राम का मंदिर बनाना है ना कि महापुरुष का पुतला बनाना है। 

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Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati
बता दें कि इससे पहले जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का बेहतर स्वास्थ्य न होने के बावजूद उन्होंने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अयोध्या में 21 फरवरी को ही इष्टिका (ईंट) शिलापूजन करने के लिए 17 फरवरी को रामाग्रह यात्रा पर निकलने की घोषणा की थी। श्रीराम जन्मभूमि रामाग्रह यात्रा के संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया था कि टीवी पर चल रही पुलवामा घटना और उसके बाद देश की परिस्थितियों को देखकर स्वामी स्वरूपानंद ने कार्यक्रम स्थगित कर दिया था।
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varanasi - फोटो : amar ujala
इसके पहले 14 फरवरी को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati) की तबियत बिगड़ गई थी। प्रयागराज कुंभ मेले में सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। इसके बाद से स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती वाराणसी के विद्या मठ में रूके हुए है।
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