पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार बनारस दौरे पर बिना नमक की खिचड़ी खाई थी। बनारस में आने पर वाजपेयी भाजपा कार्यकर्ताओं के घर पर ही रुकते थे। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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बनारस में अटल जी
- फोटो : file photo
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बनारस में भाजपा नेताओं को यश-अपयश से दूर रहने की शिक्षा दी थी। भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य एवं लोकतंत्र सेनानी सुभाष गुप्ता ने कहा कि जब मैं महानगर का महामंत्री था तो उस दौरान एक बार अटल बिहारी वाजपेयी बनारस आए थे।
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बीएचयू में अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : file photo
सुभाष गुप्ता ने बताया कि किसी बात को लेकर मैं थोड़ा गुस्सा हो गया था। यहां गुलाबबाग में बैठक के बाद वे मेरे लूना से हर्षपाल कपूर के घर गए। इसके बाद वाजपेयी वहां खाने के लिए बर्फी उठाई और मुझसे कहा कि नाराज क्यों होते हो नेताजी यश अपयश से दूर रहो। राजनीतिक जीवन में यह सब लगा रहता है। इसके बाद अपने खाने के लिए उठाई बर्फी मेरे मुंह में डाल दी।
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बनारस में अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला
यही नहीं जब कभी बनारस आते थे तो उस दौरान वे कार्यकर्ताओं के घर पर ही रुकते थे। जैतपुरा में नंदलाल के घर एक बार रुके तो वाजपेयी ने कहा कि सादा भोजन बनवाइएगा। हो सके तो पतली खिचड़ी बनवाएं।
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atal bihari
खिचड़ी में नमक नहीं था। वाजपेयी पूरी खिचड़ी खा गए और खाने के बाद बोले कि अरे मैंने इतना सादा भोजन बनाने के लिए नहीं कहा था। हम लोगों ने खिचड़ी को चखा तो पता चला कि उसमें नमक नहीं है।
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atal bihari
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बहुत ही उदारमना थे। ऐसे कई किस्से हैं। शहर दक्षिणी के सात बार के पूर्व विधायक और दादा के नाम से जाने जाते श्याम देव राय चौधरी ने वाजपेयी से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा बताया।
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Atal Bihari Vajpayee
एक बार बनारस में भाजपा का अधिवेशन होने वाला था। उसमें लाल कृष्ण आडवाणी के आने की सूचना थी। आडवाणी के स्वागत के लिए दादा एक माला लेकर रेलवे स्टेशन पहुंच गये। बोगी से आडवाणी बाहर निकले और उनका स्वागत माला पहनाकर कर दिया। इसके बाद पता चला कि दूसरी बोगी में वाजपेयी बैठे हैं। दूसरी माला लेने चौक आना पड़ता।
दादा संकोच करते हुए वाजपेयी के पास गये और कहा कि मेरे पास एक ही माला थी और मैंने आडवाणी को पहना दी। आपको पहनाने के लिए मेरे पास माला नहीं है। इस पर वाजपेयी बोले की माला क्या होता है आओ गले लगो। और मुझे गले लगा लिया। वह दिन आज तक नहीं भूलता है।