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जीएसआई ने 1990 में किया था दावा, सोनभद्र की कोख में सिलिमेनाइट और यूरेनियम भी

Sun, 23 Feb 2020 07:13 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
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सिलिमेनाइट, यूरेनियम। - फोटो : अमर उजाला।
सोनभद्र जिले में खनिज संपदा के लिए समय-समय पर सर्वे होता रहा है और सोना से लेकर यूरेनियम, सिलिमेनाइट पत्थर के उपलब्ध होने की बात सामने आती रही है। वर्ष 1990 में बभनी ब्लॉक के इकदीरी ग्राम पंचायत के छिपिया पहाड़ी में सिलिमेनाइट पत्थर और यूरेनियम के होने की पुष्टि हो चुकी है। जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआई) की टीम ने यहां 1990 और 2005 में कैंप कर जगह-जगह गड्ढों की खुदाई कर इन खनिज संपदाओं के होने की बात कही थी।
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बभनी ब्लॉक के ग्राम पंचायत इकदीरी के राजस्व गांव छिपिया में करीब 1500 मीटर ऊंची पहाड़ी है। जीएसआई की टीम ने जांच अभियान चलाकर पहाड़ी पर 10 से 15 गड्ढों की लगभग 10 फीट खुदाई कर सिलिमेनाइट और यूरेनियम की पुष्टि की थी। ग्राम प्रधान शिवपूजन ने बताया कि इस पहाड़ के चारों तरफ जीएसआई की टीम ने खुदाई की थी। उस समय जानकारी दी गई थी कि सिलिमेनाइट और यूरेनियम इस पहाड़ी क्षेत्र में उपलब्ध है।
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इस पहाड़ पर संगमरमर जैसे पत्थर भी निकले हैं, जो अब भी मौजूद हैं। कुछ चट्टानों का रंग बिल्कुल सफेद है। पूरे पहाड़ पर, अगल-बगल करीब एक किमी की दूरी तक पत्थरों पर चमकीले रंग की परत है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि यहां संगमरमर के पत्थर भी हैं।

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सोन पहाड़ी। - फोटो : अमर उजाला।
आसनडीह से लगे गांव इकदीरी में संपर्क मार्ग है, जो गांव के अंतिम छोर पर छिपिया पहाड़ी तक गया है। ग्रामीण धर्मजीत सिंह का कहना है कि छिपिया पहाड़ी में करीब 30 वर्ष पहले भी किसी धातु के मिलने की चर्चा सामने आ चुकी है। पहाड़ पर एक टीम ने कैंप भी किया था। टीम ने लंबे समय तक यहां सर्वे किया था।
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ग्रामीण बाबूलाल ने पहाड़ी पर कई जगहों पर खोदे गड्ढों को दिखाते हुए बताया कि पानी की टंकी तथा पहाड़ी के ऊपर संयंत्र से होल कराकर जांच की गई थी। यहां के पत्थरों के ऊपर अत्यंत चमकीले और परतदार पत्थर मौजूद हैं।
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