लोककला, संगीत, भाषा आदि क्षेत्रों में हो रहे नवाचार को लेकर बीएचयू परिसर में नई मुहिम शुरू की गई है। इस बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके, इसके लिए वाल पेटिंग का सहारा लिया जा रहा है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय की दीवारों पर बनी पेटिंग में जहां तबला, हारमोनियम सहित अलग-अलग वाद्ययंत्रों का चित्र बनाया गया है वहीं भाषा, कला आदि के क्षेत्रों में इनोवेशन को भी दर्शाया गया है। विलुप्त हो रही लोककलाओं, संस्कृति के संरक्षण को लेकर जहां सरकार की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम कराए जा रहे हैं वहीं युवा कलाकार भी इसके लिए आगे आ रहे हैं।
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बीएचयू के दृश्य कला संकाय के डिजाइन इनोवेशन सेंटर के समन्वयक डॉ. मनीष अरोरा के निर्देशन में युवा कलाकारों ने वाल पेंटिंग के माध्यम से लोगों को साहित्य, कला, संस्कृति का संरक्षण करने का संदेश देने की पहल की है।
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इसमें जहां संगीत के क्षेत्र से तबला, हारमोनियम, गिटार, सारंगी, तुरही आदि वाद्ययंत्रों का दृश्य है तो समय का पहिया चलते रहने, मानव मस्तिष्क, यातायात परिवहन में पहले बस, फिर ट्रेन और अब समय बदलने के साथ ही हवाईयात्रा के शुरू होने को भी चित्रों के माध्यम से दर्शाया है।
डॉ. मनीष ने बताया कि केवल दृश्यकला ही नहीं कला संकाय, सामाजिक विज्ञान संकाय सहित अन्य संकायों के छात्र-छात्राओं ने इनोवेशन की दिशा में अनूठी पहल की है। इनोवेशन मतलब विज्ञान, तकनीकी शिक्षा ही नहीं, संगीत, कला, साहित्य आदि के क्षेत्रों में भी इनोवेशन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।