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अमर उजाला वाद-विवाद प्रतियोगिता : 'एक देश-एक चुनाव' पर छात्रों ने रखी बात

Thu, 18 Jul 2019 12:56 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
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वाद-विवाद प्रतियोगिता में पुरुस्कृत छात्र। - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता का जिला स्तरीय आयोजन भरूहना स्थित घनश्याम बिनानी एकेडमी आफ मैनेजमेंट साइंसेज में बुधवार को किया गया। जिले के कई महाविद्यालयों से 32 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। आयुष सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वालों के साथ ही दो सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। डीएम अनुराग पटेल ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
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जीबीएएमएस में हुई इस प्रतियोगिता का शुभारंभ संस्थान की निदेशक प्रो डॉ जीशान अमीर, केबीपीजी कालेज डॉ वीरेंद्र सिंह, डॉ शरद मेहरोत्रा व जीडी बिनानी कालेज के डॉ अशोक सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अनुराग पटेल रहे।
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प्रतिभागियों ने देशहित में, एक देश-एक चुनाव के पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखी। पक्ष में बोलने वालों ने कहा कि इससे नागरिकों को बार- बार होने वाले चुनावों की परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। शासकीय धन की बचत होगी। सबसे बड़ा उनका तर्क था कि पूरी सरकारी मशीनरी चुनाव के चक्कर में लग जाती है जिससे आम जनता को परेशानी होती हे। उनका आवश्यक से आवश्यक  कार्य रुका जाता है।

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कार्यालयों का काम-काज ठप हो जाते हैं। जब जाओ तो पता लगता है कि कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में गए हैं। वक्ताओं ने कहा कि हर बार होने वाले चुनावों से विकास कार्य बाधित होता है। आचार- संहिता से सारे कार्य रुक जाते हैं। एक साथ चुनाव होने से सरकार में स्थिरता आएगी।
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amar ujala debate competition mirzapur - फोटो : amar ujala debate competition mirzapur
विपक्ष में तर्क दिया गया कि दोनों चुनाव एक साथ होने से क्षेत्रीय मुद्दे गौण हो जाएंगे। लोग राष्ट्रीय समस्याओं के आगे स्थानीय मुद्दों को भूल जाएंगे। इससे सांस्कृतिक विरासत व उनकी विशेषता के भी नष्ट होने का खतरा है। सबसे बड़ा खतरा विपक्षी पार्टियों के अस्तित्व का है, क्योंकि जब एक पार्टी की तरफ जनता का झुकाव होगा तो उसी समय यदि कोई अन्य चुनाव होगा तो उसका लाभ भी उसी पार्टी को होगा।
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दूसरी पार्टियां एकदम से अस्तित्व हीन हो जाएंगी। क्षेत्रवाद ने भारतीय संघवाद को कमजोर किया है। मुख्य अतिथि डीएम अनुराग पटेल ने विजेताओं को पुरस्कार व प्रशस्तिपत्र वितरित किया। दूसरा स्थान प्रतीक पांडेय व तीसरा स्थान शाहिद हुसैन को दिया गया।
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सांत्वना पुरस्कार नेहा गुप्ता व ईशा चतुर्वेदी को दिया गया। निर्णायक मंडल में केबी कालेज के डा वीरेंद्र सिंह, डा शरद मेहरोत्रा व जीडी बिनानी पीजी कालेज के डा. अशोक सिंह थे। संचालन जीडी बिनानी कालेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजय सिंह गहरवार ने किया। इस अवसर पर डा. मेराज अहमद, सत्यकाम तिवारी, बीएन सिंह, कृष्णकुमार मिश्र आदि थे।
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इन्होंने किया प्रतिभाग :
रवि कुमार बिंद, ईशा गुप्ता, निखिल, शुभम, शिवानी सिंह, शिवानी प्रजापति, हिमांशु गुप्ता, विभव प्रसाद दुबे, असित तिवारी, नीरज यादव, राहुल कुमार, कीर्ति कुशवाहा, निमिशा चौबे, दिव्यांशी कसेरा, राहुल राय, साक्षी कसेरा, जान्हवी सिंह, मुस्कान कसेरा, शैल वर्मा, दिनेश दुबे, अनुराग सिंह, गिरीश पांडेय, गौरव यादव, पूजा मिश्रा, दिव्या सिंह रघुवंशी, विपिन कुमार बिंद, दीपक सिंह पटेल, प्रशांत कुमार सिंह, आशुतोष आदि थे।
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