मंदिर के बाहर भजन गाते भक्त।
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मंदिर अब रोजाना सुबह आठ बजे से 10 बजे तक खोला जाएगा। बाबा प्राण प्रतिष्ठित हैं और पुनः प्राणप्रतिष्ठा की कोई आवश्यकता नहीं है। जहां तक मूल शिवलिंग के गायब होने की बात है तो अगर किसी के पास प्रमाण है तो वह इसे साझा कर सकता है।
इस मामले में काशी के विद्वत समाज से राय लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा। उनका सुझाव जो भी होगा उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। यह मंदिर काशी की जनता का है। फिलहाल मंदिर को सुबह दो घंटे खोला जाएगा और आगे इसकी अवधि बढ़ाने पर विचार होगा। इस दौरान सुनील कुशवाहा, विनय चौबे,विनोद दुबे, गुरु प्रसाद, देवेश मौजूद रहे।