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मां के जनाजे में शामिल होकर आजमगढ़ से राजनीति करना चाहता था अबू सलेम

Thu, 07 Sep 2017 06:32 PM IST
amarujala.com, presented by भारतेंदु मिश्रा
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abu salem
1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम बिस्फोट मामले में दोषी करार अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम एक वक्त पर राजनीति में आना चाहता था। उसने सारे हथकंडे अपनाए मगर उसकी हसरत पूरी  न हो सकी। राजनीति में प्रवेश करने क लिए उसने मां के जनाजे का सहारा लिया था। आगे की स्लाइड्स में जानें...
 
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abu salem - फोटो : self
2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पण होने के बाद अबु सलेम को अर्थर रोड जेल,मुंबई में रखा गया था। 2007 में  वह अपनी मां की मौत होने पर मिट्टी में शामिल होने के लिए आजमगढ़ के सरायमीर स्थित पठानटोला गांव पहुंचा ‌था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच उसे  लेकर उसके घर पहुंची थी।
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abu salem - फोटो : अमर उजाला

 मां की मिट्टी के बाद जब अबु सलेम  मुंबई वापस लौटा तो उसका वकील आजमगढ़ पहुंचा। उस वक्त कोई खास बात नहीं बनी। अबु सलेम वापस मां की मिट्टी के बाद चा‌लीसवें में शामिल होने के लिए आजमगढ़ पहुंचा।

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अबु सलेम

मां की मिट्टी के बाद चा‌लीसवें में शामिल हो कर सलेम के वापस अर्थर रोड जेल लौटने के कुछ ही दिन बाद मुंबई से सलेम का वकील आजमगढ़ पहुंचा। इस दौरान उसने डीएम और एसडीएम निजामाबाद से मिलकर अबु सलेम का नाम वोटर लिस्ट में डलवाने के लिए आवेदन किया। लेकिन सलेम के आवेदन को जिला प्रशासन ने खारिज कर दिया।
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abu salem - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान अबु सलेम और उसके कारनामों की जिले में चर्चाएं थी। उस वक्त पर  चुनाव का दौर भी चल रहा था। ऐसे वक्त में अबु सलेम के वकील ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। लेकिन जिला प्रशासन ने सलेम की अर्जी को खारिज कर दिया। बाद में पता चला कि सलेम आजमग़ढ से राजनीति कैरियर शुरू करने के लिए यह कदम उठाया था।
 
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abu salem

स्पेशल टाडा कोर्ट ने शुक्रवार को 1993 के मुंबई धमाकों के दूसरे चरण के मुकदमे का फैसला सुनाते हुए अबु सलेम समेत 6 को दोषी करार दिया है।  गैंगस्टर अबु सलेम को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। 
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abu salem
बता दें कि  अंडरवर्ल्ड डान अबू सलेम से भले ही बड़े से बड़ा लोग कांपते थे लेकिन अंदर से अपनी सुरक्षा को लेकर वह भयभीत और सतर्क रहता था। भारत आने के बाद वह पहली बार अपनी मां के अंतिम संस्कार में और दूसरी बार उसके चालिसवें में शामिल होने के लिए आया था।    
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