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कर्मनाशा नदी के तट पर बने महादेव मंदिर का रहस्य जानकर रह जाएंगे दंग

Wed, 08 Feb 2017 06:12 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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श‌िव
सोनभद्र जिले के नगवां ब्लॉक अंतर्गत कर्मनाशा नदी के तट पर तल्ला गांव में नल राजा मऊ स्थित नलेश्वर महादेव का मंदिर है। इस मं‌दिर के शिवलिंग के साथ एक ऐसा रहस्य जुड़ा है जिसके कारण यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। मान्यता है कि यहां पर जो भी भक्त आता है उसकी मन्नत जरूर पूरी होती है। आगे की स्लाइडस में जानें रहस्य..
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shiv temple sonbhadra - फोटो : अमर उजाला
इस मंदिर के शिवलिंग की प्रतिवर्ष बढ़ रही ऊंचाई से लोग आश्चर्य चकित हैं। वसंत पंचमी  से सात दिनों तक मेला लगती है, जिससे मंदिर गुलजार रहता है। यहां बिहार के भभुआ, झारखंड के साथ ही चंदौली जिले के चकरघट्टा क्षेत्र से लोग विशेष तौर पर दूकान लगाने और मेला करने के साथ ही पूजन-अर्चन के लिए आते हैं। 
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shiv temple sonbhadra - फोटो : अमर उजाला
पनिकप कला के 95 वर्षीय रुद्र प्रताप सिंह का कहना है नलेश्वर महादेव के शिवलिंग की ऊंचाई प्रतिवर्ष बढ़ रही है। पहले शिवलिंग की ऊंचाई करीब दो फीट रही, लेकिन अब इसकी ऊंचाई करीब चार फीट हो गई है। तल्ला गांव निवासी 85 वर्षीय सीताराम और 86 वर्षीय राजाराम चेरो का कहना है कि मकान बनाने के लिए खुदाई के समय बहुत बड़ा घड़ा मिला था।
 

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shiv temple sonbhadra - फोटो : अमर उजाला
मंदिर के पुजारी रामप्यारे गिरी का कहना है कि नलेश्वर महादेव के दरबार में आने वाले श्रद्धालु पूजन-अर्चन के साथ ही शिवलिंग को अकवार में पकडने के लिए आतुर दिखते हैं। जिससे श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। अगर किसी में घमंड आ गया तो वह शिवलिंग को अकवार में नहीं पकड़ पाता।
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shiv temple sonbhadra - फोटो : अमर उजाला
नगवां के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रहे सेमरिया गांव निवासी स्व. रामदुलारे चौबे ने करीब 50 साल पूर्व नलेश्वर महादेव स्थल पर मेला की शुरुआत की। बसंत पंचमी के अवसर पर मेला लगती है। मेले में दो दिवसीय दंगल का भी आयोजन होता है। इसमें क्षेत्रीय पहलवान जोर आजमाइश करते हैं।  
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shiv temple sonbhadra - फोटो : अमर उजाला

 पुरना कला के 78 वर्षीय शिव कुमार सिंह का कहना है कि पुरातत्व विभाग की ओर से 1997 में जब खुदाई कराई जा रही थी तो प्राचीन काल के सिक्के, तलवार, बर्तन, ईंट, घड़ा आदि मिले थे। जिसे दिल्ली स्थित पुरातत्व विभाग के संग्रहालय में रखा गया है। जिससे कयास लगाई जा रही है कि यहां पर 16वीं शताब्दी में नल नामक राजा का कीला रहा होगा। 
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shiv temple sonbhadra - फोटो : अमर उजाला

मंदिर के पुजारी परसिया गांव निवासी 50 वर्षीय रामप्यारे गिरी का कहना है कि नलेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचने के लिए संपर्क-मार्ग का अभाव है। बिजली, पानी के साथ ही भक्तों के ठहरने के लिए कोई शेड नहीं है। कर्मनाशा नदी के दूषित पानी को लोग पीते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सिर्फ सात दिनों के लिए पन्नूगंज पुलिस की तैनाती रहती है।
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