पालकी में सवार होकर गर्भगृह पहुंचे बाबा
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हर-हर महादेव के जयघोष के साथ की पालकी की अगवानी
महंत आवास से रजत पालकी पर विराजमान होकर बाबा विश्वनाथ जब काशी की गलियों में निकले तो भक्त भी भगवान को देखने के लिए उमड़ पड़े। वाचस्पति तिवारी ने दंड व मशाल लेकर पालकी यात्रा का नेतृत्व किया। हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए भक्तों ने अपने आराध्य की अगवानी की।