वर्तमान संवत्सर एक अप्रैल को पूर्ण हो रहा है, नव संवत्सर 2079 की शुरुआत दो अप्रैल से होगी। इसी के साथ कई ग्रह मौजूदा राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करेंगे। अहम ग्रहों के राशि परिवर्तन के बीच प्रदेश व देश की सियासत को लेकर ज्योतिषाचार्यों के अपने-अपने आकलन हैं। एक तरफ कश्मीर में उपद्रव की बात की जा रही है तो दूसरी ओर प्रदेश की राजनीति में छिटपुट विरोध के आसार भी जताए जा रहे हैं। काशी से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक के ज्योतिषाचार्य का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता नई ऊंचाई को प्राप्त करेगी।
राजनीतिक बौद्धिकता योगी आदित्यनाथ को देगा नई ऊंचाई
अखिल भारतीय विद्वत परिषद के महासचिव ज्योतिषाचार्य डॉ. कामेश्वर उपाध्याय कहते हैं कि वासंतिक नवरात्रि में जो ग्रह योग बना है, उसमें प्रतिपदा से रामनवमी तक का समय थोड़ा उथल-पुथल वाला है। जैसे ही मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करेगा, वैसे ही उथल-पुथल खत्म हो जाएगी, पर दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. कामेश्वर उपाध्याय
- फोटो : अमर उजाला
राहु मेष में जाएगा, केतु तुला पर हावी होगा। मंगल जब तक मेषस्थ राहु को देखेगा, तब तक उथल-पुथल रहेगी। दक्षिण भारतीय इलाकों में दिक्कतें बढ़ेंगी। विशेष रूप से केरल आदि प्रांतों में। तुला में स्थित केतु कश्मीर में भी दिक्कतें बढ़ाने की कोशिश करेगा, मगर अप्रभावी रहेगा। महंगाई बहुत जबर्दस्त तरीके से बढ़ेगी। नव संवत्सर तो परमाणु विस्फोट तक के आसार जता रहा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
यूपी का दिल्ली से सटा क्षेत्र बहुत तेजी से विकास की ओर बढ़ेगा, इसी पर राज्य सरकार को फोकस करना है, खासकर 2023 तक। योगी आदित्यनाथ एक डेढ़ महीने के बाद कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में होंगे। उनकी राजनीतिक बौद्धिकता उन्हें नई पहचान देगी। मंत्रिमंडल पर पूरी कमान रहेगी। हां, मंत्रियों को कुछ रचनात्मक होना होगा, विभाग पर ध्यान देना होगा, इसी में उनकी भलाई है।
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आचार्य डॉ. अश्विनी पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
सर्वश्रेष्ठ राज्य की ओर यूपी, बढ़ सकती है बाहुबलियों की सक्रियता
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अश्विनी पांडेय कहते हैं कि नव संवत्सर का नाम ‘नल’ है। इस वर्ष का अधिपति शनि है, जो कि न्यायप्रिय ग्रह है। महंगाई बढ़ेगी, राजाओं में परस्पर विरोध के आसार हैं। नव संवत्सर के स्वामी बृहस्पति हैं, जो कि इसी वर्ष 10 अप्रैल को स्वगृह मीन राशि में गोचर करेंगे। इससे प्रजा में सामंजस्यता एवं राष्ट्र की उन्नति की सोच विकसित होगी। रही बात उत्तर प्रदेश की तो मीन राशि उभयचरी राशि है, जिससे राज्य के शासक वर्ग एवं प्रजा सुखी अनुभव करेंगे, धार्मिकता का विकास होगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : एएनआई
नौ अप्रैल को राहु वृष राशि से मेष में गोचर करेंगे। मेष राशि का स्वामी मंगल है और क्षत्रिय वर्ग का अधिपति है। अत: विश्व में अशांति बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्य की ओर बढ़ेगा। राहु मंगल राशि में गोचर कर रहा है, अत: आरंभ में सरकार में आपसी सामंजस्यता की कमी रहेगी। मंगल के अधिपति होने से योगी आदित्यनाथ सभी समस्याओं का निदान करते हुए, राष्ट्र में अपना ऊंचा कद करेंगे। राहु केकारण बड़े-बड़े दिग्गज बाहुबलियों का बोल-बाला आरंभ हो सकता है, किंतु देवगुरु बृहस्पति इस संवत्सर के अधिपति होने से धर्म स्थापना में मुख्यमंत्री सफल होंगे।
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डॉ. एस्ट्रो सिमरन वार्ष्णेय
- फोटो : अमर उजाला
बिजनेस के लिहाज से फलेगा-फूलेगा यूपी
दिल्ली से डॉ. एस्ट्रो सिमरन वार्ष्णेय कहती हैं कि अप्रैल में कई सारे महत्वपूर्ण ग्रहों का गोचर है। ज्योतिष में राहु, बृहस्पति और शनि के गोचर अहम माना जाता है क्योंकि ये एक ही राशि में कई-कई महीनों तक संचरण करते हैं। नवसंवत्सर और योगी आदित्यनाथ की कुंडली और गोचरों का हम आकलन कर रहे हैं। जातिवाद का हल्का सा असर देखने को मिलेगा और यह उथल-पुथल करेगा, पर योगी आदित्यनाथ की कुंडली के ग्रह उन्हें मजबूती देंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
बिजनेस के लिहाज से यूपी को बहुत फायदा होने जा रहा है, वहीं धार्मिक स्थानों पर काम और धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा। तीस अप्रैल तक सारे गोचर कट जाएंगे। महिलाओं के लिए काफी काम होंगे, जो उन्हें आगे बढ़ाएंगे, पर चुनौतियां भी बहुत होंगी। राहु और शुक्र इस दिशा में काम करेगा और उन्हें खुद का प्रचार-प्रसार करना होगा। मई में ग्रहण और उसके बाद भूकंप व बाढ़ के खतरे बढ़ेंगे।
नौकरी, रिश्तों को लेकर रहें सतर्क
सुमित विजयवर्गीय कहते हैं कि शनि मंगल की युति निकटतम है। 28 मार्च से छह अप्रैल तक अपने आसपास के लोगों को बदलते हुए देखेंगे। नौकरी छूटना, ब्रेकअप, पार्टनरशिप टूटना, घरेलू हिंसा अपने चरम पर होगी। नौकरी छोड़ने का मन बना भी रहे हैं तो ऐसा न करें, दोबारा मिलने में दिक्कत होगी। हिंसा बढ़ेगी, लड़ाई-झगड़े बढ़ेंगे, इसलिए सावधानी जरूरी है।