उन्नाव के असोहा में खेत में बेहोश हालत में सुधार होने कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती किशोरी को शुक्रवार को छुट्टी दे दी गई। कड़ी सुरक्षा में पुलिस ने उसे घर पहुंचाया। इस दौरान घर के बाहर व घर जाने वाले रास्ते पर ग्रामीणों की भीड़ रही। घर पहुंचकर उसने कानपुर में पुलिस व न्यायिक मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान ही दोहराए।
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किशोरी का फूल माला पहनाकर हुआ स्वागत
- फोटो : amar ujala
सह आरोपी का नाम लिए बिना विनय पर पानी में जहर मिलाकर पिलाने की बात बताई। नर्सिंगहोम से डिस्जार्च किए जाने के बाद एसओ गंगाघाट अरविंद सिंह महिला पुलिस की मौजूदगी में शाम 4:41 बजे किशोरी को लेकर उसके गांव पहुंचे। सीओ रमेश चंद्र प्रलयंकर की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच किशोरी को घर के अंदर दाखिल किया गया।
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भारी सुरक्षा के बीच पुलिस लेकर पहुंची घर
- फोटो : amar ujala
शाम छह बजे तक उसने सिर्फ दो बार पानी पीया। पुलिस के खुलासे को सही बताते हुए उसने फिर से बयान को दोहराया। परिजनों को बताया कि 17 फरवरी को दोपहर तीन बजे चचेरी बहन व भतीजी के साथ घास लेने खेत के लिए निकली। गांव की दुकान से दो पैकेट नमकीन खरीदने के बाद खेत पर पहुंचीं।
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घर पहुंची तो फफक कर रोई किशोरी
- फोटो : amar ujala
कुछ देर बाद विनय वहां पानी की बोतल और नमकीन का पैकेट लेकर एक अन्य के साथ पहुंचा। विनय ने उसे नमकीन दी। इस पर उसने खाने से मना कर दिया। चचेरी बहन व भतीजी के साथ उसने गांव की दुकान से खरीदे गए दो पैकेट नमकीन खाई। कड़वाहट लगने पर चचेरी बहन ने पानी मांगा।
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गांव में तैनात रही भारी फोर्स
- फोटो : amar ujala
विनय ने पानी की बोतल उसकी ओर बढ़ा दी। पहले चचेरी बहन फिर भतीजी के पानी पीने के बाद बोतल में बचा थोड़ा पानी उसने भी पी लिया। कुछ देर बाद आंखों के आगे अंधेरा छाने के साथ चक्कर आने लगा और वह बेहोश हो र्गइं। आंख खुली तो खुद को नर्सिंगहोम में पाया।
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बेटी को पहनाई फूल-माला
मौत से जंग जीतकर गांव पहुंची किशोरी को देख ग्रामीण खुद को रोक न पाए। ग्रामीणों ने माला पहनाकर किशोरी का स्वागत किया। इस दौरान सीओ हसनगंज आरके शुक्ल की मौजूदगी में पुलिस ने टीम ने घेरा बनाकर किशोरी को उसके घर तक पहुंचाया।