उन्नाव जिले के असोहा कांड में पुलिस की एक और चूक सामने आई है। पुलिस जिस मुख्य आरोपी का मोबाइल अभी तक न मिलने का दावा कर रही है, वह आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान ही पुलिस को मिल गया था। मुख्य आरोपी के परिजनों ने इसका खुलासा किया है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस मोबाइल को दाखिल करना ही भूल गई।
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उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
अब चार्जशीट में मोबाइल का पेंच फंसता देख पुलिस नाटकीय ढंग से बरामदगी दिखाने की तैयारी में है। असोहा एसओ ओमप्रकाश रजक के अनुसार मुख्य आरोपी विनय ने घटना के बाद खेत में मोबाइल फेंकने की बात कही है। वह लगातार मोबाइल की तलाश कर रहे हैं। सर्विलांस की मदद भी ली जा रही हालांकि मोबाइल का पता नहीं चला है।
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एसओ के इस झूठ से आरोपी के परिजनों ने पर्दा उठाया है। परिजनों के अनुसार 19 फरवरी को पुलिस ने घर पर दबिश देकर विनय को गिरफ्तार किया था। उस वक्त विनय का मोबाइल उसके पास था। पुलिस ने विनय के हाथ से मोबाइल छीनकर अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना के खुलासे के बाद विवेचक मुख्य आरोपी विनय का मोबाइल दाखिल करना ही भूल गए थे। अब चार्जशीट में मोबाइल को दिखाने के लिए तरह-तरह कवायद चल रही है। सीओ रमेश चंद्र प्रलयंकर ने मोबाइल बरामदगी के संबंध में एसओ ओमप्रकाश रजक से जानकारी के बाद कुछ कह पाने की बात कही है।
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चचेरी बहन व भतीजी की मौत से आहत है किशोरी
यूपी में उन्नाव जिले के असोहा कांड में भले ही पुलिस ने खुलासा करने के साथ अस्पताल में भर्ती किशोरी को घर पहुंचाकर राहत की सांस ले ली है, लेकिन चचेरी बहन व भतीजी को हमेशा के लिए खो चुकी किशोरी इस गम से उबर नहीं पा रही है। गांव में पुलिस का पहरा कम होने लगा है। ग्रामीणों की जिंदगी पटरी पर लौट पड़ी है।
सभी रोजमर्रा के कामों में व्यस्त हैं। असोहा थाना क्षेत्र के एक गांव में 17 फरवरी को हुई घटना शायद ही गांव के लोग कभी भुला पाएंगे। तीसरे दिन भी घर पहुंची किशोरी व मृत किशोरियों के घर के बाहर पुलिस तैनात है। हालांकि गांव के रास्तों पर लगे पुलिस के बैरियर पर जवान नहीं है।
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खाते में रुपये पहुंचते ही परिवार में आपसी अनबन
असोहा कांड में मृत व जीवित बची युवती के परिजनों को सरकार की ओर से दी गई आर्थिक सहायता परिजनों के खाते में पहुंच गई है। एक मृतका के परिजनों ने मोबाइल पर मैसेज के जरिए रुपये खाते में पहुंचने की बात कही है। वहीं दी गई आर्थिक मदद को लेकर परिवार के बीच चल रही अनबन खाते में रुपये पहुंचते ही और बढ़ गई है।
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कैलिफोर्निया से नहीं आई मेल, लखनऊ के एक्सपर्ट से सलाह
असोहा कांड में ट्विटर हैंडल के माध्यम से भ्रामक व भड़काऊ पोस्ट करने वाले 9 लोगों पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। ट्विटर हैंडल चलाने वालों का ब्योरा जुटाने के लिए साइबर सेल ने ट्विटर हैंडल के कैलिफोर्निया दफ्तर से रिपोर्ट मांगी थी। अब तक जवाब न मिलने पर साइबर सेल के जानकारों ने लखनऊ के साइबर एक्सपर्ट से सलाह-मशविरा कर आगे की कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार ट्विटर हैंडल से संबंधित मेल प्राप्त होते ही सभी को नोटिस भेजकर तलब किया जाएगा।