अधिवक्ता आजाद हत्याकांड का मुख्य आरोपी सिराज अहमद एसटीएफ की गोली से ढेर हो गया। इस पर एक लाख का इनाम था। इसने दिवानी के अधिवक्ता को सरेराह शूट किया था। इसके खिलाफ 30 मुकदमे दर्ज थे। डेढ़ वर्ष से पुलिस इस ढूंढ रही थी।
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सिराज अहमद एनकाउंटर में ढेर।
- फोटो : अमर उजाला/पुलिस
यूपी के सुल्तानपुर के बहुचर्चित अधिवक्ता आजाद हत्याकांड में डेढ़ साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश सिराज अहमद को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। मुठभेड़ सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र में हुई। इस दौरान गोली लगने से सिराज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसकी मौत हो गई।
पकड़ा गया बदमाश सिराज अहमद, सुल्तानपुर जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र के लोलेपुर गांव का रहने वाला था। एसटीएफ टीम को शनिवार की रात सूचना मिली कि सिराज किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में पंजाब-हरियाणा बॉर्डर से होकर सहारनपुर जिले में मौजूद है। सूचना पर टीम ने गंगोह क्षेत्र में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख सिराज ने टीम पर फायरिंग झोंकने लगा। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया। अस्पताल में मौत हो गई।
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सिराज अहमद एनकाउंटर में ढेर।
- फोटो : पुलिस
सरेराह की गई थी अधिवक्ता की हत्या
बताते चलें कि 8 अगस्त 2023 की शाम सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता आज़ाद अहमद की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात ने जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। पुलिस जांच में हत्या का मुख्य आरोपी सिराज अहमद सामने आया था। इसके बाद से वह फरार चल रहा था।
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सिराज अहमद एनकाउंटर में ढेर।
- फोटो : पुलिस
एक लाख का इनाम... एसटीएफ को थी तलाश
अधिवक्ता आज़ाद हत्याकांड में वांछित होने पर पुलिस ने सिराज पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था। लगातार दबिश के बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। फरारी के दौरान मार्च 2025 में न्यायालय के आदेश पर उसकी करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की गई थीं। इसके बाद भी वह आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था।
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सिराज अहमद एनकाउंटर में ढेर।
- फोटो : पुलिस
एसटीएफ को मौके से एक मोटरसाइकिल, दो पिस्टल, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस, चार मोबाइल फोन, दो वाई-फाई डोंगल, एक छोटा बैग और आधार कार्ड समेत अन्य कागजात बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, सिराज अहमद का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हत्या, हत्या के प्रयास और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) जैसी गंभीर धाराओं में करीब 30 मुकदमे दर्ज थे। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य फरार आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि सिराज अहमद के आपराधिक इतिहास की जानकारी पहले ही एसटीएफ के साथ शेयर की जा चुकी थी।