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SiddharthNagar Accident: सात लोगों की मौत से गम में डूबा है पूरा गांव, नहीं जले चूल्हे, हर तरफ छाया मातम

Mon, 23 May 2022 05:10 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला।
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ क्षेत्र के महला गांव में सात लोगों की मौतों के बाद दूसरे दिन सोमवार को भी चीख पुकार मची रही। बड़ों के साथ कभी बच्चे रो रहे हैं तो कभी गम में डूबकर मायूस हो जा रहे हैं। परिवार को ढांढस बंधाने रिश्तेदार पहुंच रहे हैं तो उनका दर्द और असहनीय हो जा रहा है। चहुंओर रोने की आवाज से गांव में मातम छाया हुआ है।

महला गांव और खम्हरिया गांव में हर तरफ सन्नाटे के बीच रुक रुककर निकलने वाली चीख को सुनकर लोगों को कलेजा कांप जा रहा है। गांव इस हादसे के सदमें से उबरा नहीं पा रहा है। अधिकांश घरों में दूसरे दिन भी चूल्हे ठंडे पड़े रहे। परिवार खाना बनाने और खाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। वहीं, देर रात जब अंतिम संस्कार करके लोग घरों को लौटे तो महला गांव एक बार फिर लोगों के चित्कारों से गूंज उठा।
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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
बच्चों को छोड़ दिया जाए तो गांव के अधिकांश लोग पूरी रात जागते रहे। क्षेत्र में चाय की दुकान से लेकर गांव की गली तक हर तरफ बस इसी हादसे की चर्चा होती रही। सोमवार की सुबह महला गांव में पहले वाली चहल-पहल गायब हो चुकी थी। गांव में 24 घंटे से एक भी घर के रसोई में चूल्हे नहीं जले हैं।
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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
ये है मामला
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के महला गांव निवासी रामकुमार के बेटे की शादी शिवनगर डिड़ई थाना क्षेत्र के महुआ गांव में शनिवार को गई थी। खम्हरिया गांव निवासी गोरख मौर्य बोलेरो गाड़ी से बरातियों को लेकर गए थे। रात करीब एक बजे के लगभग बांसी- बस्ती मार्ग पर स्थि कटया गांव के पास उनकी बोलेरो तीन दिन से सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पीछे घुस गया। जिसमें महला गांव के छह और पड़ोस के खम्हरिया गांव के एक व्यक्ति की जान चली गई।

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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
पड़ोस गांव के लोग आए मदद करने
हादसे के बाद गांव में हर तरफ हाय-तौबा और चींख-पुकार मची हुई है। इस हादसे से हर व्यक्ति गम में डूबा हुआ है। बच्चे कभी रो रहे थे तो कभी मायूस हो जा रहे थे। उन्हें भूखा देखकर आसपास गांव के लोग खाना लेकर पहुंचे। गांव के बड़े तो गम में डूबे थे, बच्चे भूख से न तड़पे, इसके लिए आसपास के लोग मदद करने के लिए आ गए।
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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा। - फोटो : अमर उजाला।

रुक-रुक कर टूट रहीं सिसकियां

हादसा हुए 36 घंटे का वक्त गुजर गया है। महिलाओं के रोते-रोते आंसू सूख चुके हैं, लेकिन सन्नाटे के बीच रुक-रुककर निकलने वाले सिकसियां सुनकर गांव में पहुंचने वाले हर व्यक्ति का कलेजा कांप जा रहा है। मृतक परिवार की महिलाएं और लड़कियां रोते-रोते बेहोश हो जा रही हैं।

प्रशासन रहा मौजूद

घटना के बाद गांव पर प्रशासन की नजर रही। एसडीएम शोहरतगढ़ उत्कर्ष श्रीवास्तव, सीओ हरिश्चंद, एसओ जयप्रकाश दुबे शनिवार रात से ही गांव में पहुंच रहे थे। रविवार पूरे दिन यह अधिकारी गांव में मौजूद रहे। अंतिम संस्कार कराने के लिए घाट तक गए और रात में फिर गांव में लौटे। इस दौरान मृतकों के परिवार को समझाते रहे और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाते रहे।
 
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