विधानसभा चुनाव में प्रदेश की हॉट सीट मानी जाने वाली कैराना सीट पर भाजपा का पलायन, कानून व्यवस्था और विकास के मुद्दे बेअसर रहे। इस सीट पर जातीय समीकरण हावी रहे, जो सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी नाहिद हसन की जीत का आधार बने। खास बात यह है कि नाहिद हसन जेल में है लेकिन, उनकी बहन इकरा हसन ने पूरी कमान संभाली और अपनी ताकत को जीत में बदल दिया। नाहिद हसन कैराना से दूसरी बार लगातार चुनाव जीते हैं।
भाजपा ने प्रदेश में पिछले 2017 का विधानसभा चुनाव कैराना पलायन के मुद्दे पर लड़ा था। कैराना के पूर्व सांसद हुकुम सिंह ने 2016 में अपराध और गुंडे बदमाशों के भय की वजह से करीब 350 परिवारों के पलायन करने की सूची जारी की थी। पलायन के मुद्दे पर चुनाव लड़कर भाजपा सत्ता में आई थी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता की बागडोर संभाली थी। हालांकि कैराना सीट पर भाजपा प्रत्याशी पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह चुनाव हार गई थी और सपा प्रत्याशी नाहिद हसन जीतकर विधायक बने थे।