कैराना में तैनात पुलिस फोर्स
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नौ सितंबर को कैराना में संदिग्ध गाड़ी के कागजात दिखाने को लेकर विधायक और एसडीएम के बीच हुई बहस के बाद ये मसला शुरू हुआ था। वीडियो वायरल हुई। पुलिस ने विधायक के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया, पहले 24, फिर 72 घंटे का समय देने के बाद भी विधायक पक्ष द्वारा संदिग्ध गाड़ी और उसके कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए, तो पुलिस को भी लगने लगा था कि गाड़ी सही होती तो कागजात आने में इतनी देर नहीं लगती।
इसी बीच विधायक पक्ष ने 16 सितंबर को कैराना तहसील में एक लाख लोगों के साथ धरने प्रदर्शन की अनुमति मांगकर पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस प्रशासन ने धरने की अनुमति नहीं दी। भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत के पास पूर्व सांसद तबस्सुम हसन समर्थन मांगने के लिए पहुंची।