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ISI Agent Arrested: पहले बेरोजगार, फिर पासपोर्ट बनवाए, अब जासूस बन बैठा नोमान, चार बार जा चुका है पाकिस्तान

Sat, 17 May 2025 05:09 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

ISI Agent Arrested Latest News: कैराना के मोहल्ला बेगमपुरा निवासी नोमान इलाही पहले बेरोजगार था, फिर पिता का काम संभाला। यहीं से पाकिस्तान में बैठे ISI एजेंट इकबाल काना के संपर्क में आया और पाकिस्तान का जासूस बन बैठा। जांच पड़ताल में खुलासा हुआ है कि वह अब तक चार बार पाकिस्तान जा चुका है।
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नोमान इलाही को लेकर पहुंची पानीपत सीआईए - फोटो : संवाद
कैराना के मोहल्ला बेगमपुरा निवासी नोमान इलाही पहले बेरोजगार था तो पिता की दुकान पर बैठकर पासपोर्ट बनवाने का काम करता था। उसके पिता अहसान पासपोर्ट बनाने, आधार ठीक कराने व प्रिंट आउट निकालने का काम करते थे। पिता के साथ नोमान भी पासपोर्ट बनवाने लगा। पिता की मौत के बाद उसने यह काम तो बखूबी संभाल लिया लेकिन चंद रुपयों के लालच में वह पाकिस्तान के ISI नेटवर्क से जुड़ गया और और देश के खिलाफ जाकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने लगा।
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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान को लेकर कैराना पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद
पासपोर्ट बनाते-बनाते बना पाकिस्तान का जासूस
जांच पड़ताल में यह भी सामने आया है कि पासपोर्ट सेवा के बहाने नोमान ने सऊदी अरब, पाकिस्तान और अन्य देशों में जाने वाले लोगों के दस्तावेज बनवाए। इस दौरान वह ISI एजेंट इकबाल काना के संपर्क में आया। जांच में सामने आया कि नोमान जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से फर्जी या संदिग्ध पासपोर्ट भी बनवा रहा था। शुक्रवार को जब पानीपत क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम जब उसे लेकर कैराना पहुंची तो उसके घर से आठ पासपोर्ट बरामद किए गए।
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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान को लेकर कैराना पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद
चार बार पाकिस्तान गया नोमान, रिश्तेदारी या रैकेट?
नोमान वर्ष 2017 से पहले चार बार पाकिस्तान गया। वहां उसकी बुआ और मौसी रहती हैं, लेकिन जांच एजेंसियों को शक है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि इन यात्राओं की आड़ में वह ISI हैंडलरों से मिलता रहा हो और देश विरोधी गतिविधियों के निर्देश प्राप्त करता रहा हो। वहीं नोमान की बहन का कहना है कि पाकिस्तान में रिश्तेदारों से डेढ़ माह पहले एक आमंत्रण को लेकर बात हुई थी। 

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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान को लेकर कैराना पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय रहा ISI नेटवर्क
पूछताछ में नोमान ने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के समय पाकिस्तान की ISI सबसे ज्यादा सक्रिय थी। सेना की गतिविधियों से लेकर संवेदनशील ठिकानों की जानकारी उसे मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए भेजी जाती थी। शक है कि अन्य एजेंट भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।
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नोमान के घर लगा ताला - फोटो : अमर उजाला
याहिया का दर्द, ताया की बदनामी का बोझ अब हमारे सिर
आईएसआई एजेंट इकबाल काना के छोटे भाई अफजाल की चौक बाजार में कॉस्मेटिक की दुकान है जबकि घर नवीन नगर कॉलोनी में है। नोमान के संपर्क में रहे ISI एजेंट इकबाल काना का भतीजा याहिया कहता है कि 30 साल पहले ताया पाकिस्तान चला गया था, लेकिन हर बार परिवार को शक की निगाह से देखा जाता है। 'हमें बार-बार पूछताछ का सामना करना पड़ता है, जबकि हम उसका चेहरा तक नहीं पहचानते।
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नोमान के घर लगा ताला - फोटो : अमर उजाला
बहन के घर रह रहा था, पानीपत में हुई गिरफ्तारी
नोमान चार महीने से अपनी बहन जीनत के घर पानीपत में रह रहा था। यहीं पर एक फैक्टरी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। हरियाणा पुलिस की खुफिया टीम ने उसे वहीं से गिरफ्तार किया। बाद में उसे यूपी पुलिस के हवाले किया गया। अब जांच दिल्ली, हरियाणा, देहरादून, शामली और पानीपत तक फैल चुकी है।
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नोमान के घर लगा ताला - फोटो : अमर उजाला
ISI नेटवर्क में यूपी के सबसे ज्यादा युवक सक्रिय
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस जासूसी रैकेट में उत्तर प्रदेश, खासतौर पर शामली और कैराना क्षेत्र के युवक बड़ी संख्या में शामिल हैं। हरियाणा, दिल्ली और देहरादून से भी लिंक सामने आए हैं। फेरीवाले, प्राइवेट जॉब करने वाले और जन सुविधा केंद्र ऑपरेटर इस नेटवर्क की आड़ बनते हैं।

 
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