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Accident: कल जानी थी परमजीत की बारात… हरिद्वार से लौटते वक्त हादसा, चार दोस्तों की मौत से गांव में मातम

Sat, 08 Nov 2025 02:40 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

मुजफ्फरनगर के बाबरी क्षेत्र में चार युवकों की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। इनमें से एक युवक परमजीत की शादी अगले दिन होनी थी। चारों युवक हरिद्वार स्नान के बाद लौट रहे थे। परिजन शोक में हैं, गांव में सन्नाटा है।

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हादसे में चार युवकों की मौत - फोटो : अमर उजाला
पानीपत-खटीमा हाईवे पर बुटराडा फ्लाईओवर के पास शुक्रवार रात करीब 11 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्विफ्ट कार सड़क किनारे खड़े कैंटर में जा घुसी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही एएसपी संतोष कुमार और बाबरी थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

यह भी पढ़ें: UP: शामली में सड़क किनारे खड़े कैंटर में घुसी तेज रफ्तार कार, डिब्बे की तरह पिचक गई स्विफ्ट; चार युवकों की मौत
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क्षतिग्रस्त कार और मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
इस हादसे में जान गंवाने वाला  परमजीत दो विवाहित बहनों का इकलौता भाई था। वह 24 वर्ष का था। बीए पास कर वह खेतीबाड़ी करता था। परमजीत के पिता आनंद का देहांत हो चुका है। वहीं, कुछ समय पहले ही इसका रिश्ता हुआ था। 9 नवंबर को उसकी बारात राजस्थान में जानी थी। वह शुक्रवार शाम 6:30 बजे हरिद्वार स्नान करने के लिए निकला था। रिश्ता कुछ समय पहले ही हुआ था।
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टक्कर लगने पर कार का ये हाल हो गया। - फोटो : अमर उजाला
साहिल गांव मोही माजरी के डाकखाने में नौकरी करने वाले साहिल की उम्र 22 साल थी। वह परिवार में इकलौता बेटा था। वह 12वीं पास कर करीब 3 साल पहले ही नौकरी पर लगा था। इसकी फरवरी 2024 में शादी हुई थी।

साहिल अपने दादा अर्जुन सिंह की गाड़ी से ही हरिद्वार के लिए निकला था। साहिल के पिता सुनील हैं, जोकि खेतीबाड़ी करते हैं। वह शुक्रवार को ही अपनी पत्नी सरिता को उसके मायका गांव बजाना से लेकर लौटा था। लेकिन, बाद में हरिद्वार के लिए निकल गया था।

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टक्कर लगने पर कार का ये हाल हो गया। - फोटो : अमर उजाला
आशीष दो बहनों का इकलौता भाई था। 24 साल का आशीष BA पास कर खेतीबाड़ी करता था। वह अविवाहिता था। एक बहन विवाहित है। जबकि, दूसरी बहन ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करती है। हादसे के बाद वहां से घर के लिए निकल चुकी है। वह रविवार को पहुंचेगी। पिता मेहरचंद का देहांत हो चुका है।
 
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पोस्टमार्टम हाउस पर बैठे परिजन - फोटो : अमर उजाला
विवेक एक कॉलेज में BA की पढ़ाई करने वाले विवेक की उम्र 23 वर्ष थी। उसका एक बड़ा भाई है। पिता बलराज पेशे से किसान है। विवेक अविवाहित था। हरिद्वार स्नान का प्लान उसने ही बनाया था। जिसके बाद बाकी तीनों दोस्तों ने भी स्नान करने जाने की हामी भरी थी।
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