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Encounter: देहरादून में मुठभेड़ में शामली का बदमाश ढेर, परिजन बोले- 1100 करोड़ की जमीन के विवाद में मारा

Thu, 30 Apr 2026 06:42 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

Shamli News: गढ़ीपुख्ता के गांव बुंटा निवासी बदमाश अकरम को देहरादून में पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया। उस पर हत्या, लूट व डकैती के 10 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। परिजनों ने बताया कि अकरम ने जुर्म की दुनिया को छोड़ दिया था, उसे जमीन के विवाद में मारा गया है। 
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अकरम की फाइल फोटो और विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
शामली स्थित गढ़ीपुख्ता क्षेत्र के गांव बुंटा निवासी बदमाश अकरम (35) बुधवार देर रात उत्तराखंड में देहरादून पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। उधर, परिजनों ने मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए कहा कि देहरादून में जमीन के विवाद के चलते उसका एनकाउंटर किया गया।
 
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शामली में शव आने से पहले पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
देहरादून पुलिस ने जिले के गढ़ीपुख्ता थानाक्षेत्र के गांव बुंटा निवासी अकरम को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक अकरम के खिलाफ उत्तराखंड में हत्या, डकैती और लूट समेत करीब 10 मुकदमे दर्ज थे। जनपद शामली के झिंझाना थाने पर उसके खिलाफ 2015 में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था। 
 
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अकरम की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
पिता मौसम अली ने बताया कि अकरम करीब 15 दिन से गांव भाटू में कोल्हू पर मजदूरी कर रहा था और पांच दिन पहले यहां से गया था। अकरम पिछले कई वर्षों से अपनी पत्नी व बच्चे के साथ सहारनपुर के गांव खाताखेड़ी में रहकर मजदूरी कर रहा था।
 

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लोगों से पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
भाई मुकर्रम ने बताया कि अकरम किसी मुकदमे की तारीख पर देहरादून न्यायालय में गया था। बृहस्पतिवार सुबह फोन कर उन्हें अकरम के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना मिली। मुकर्रम ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह घटना उत्तराखंड में जमीन विवाद से जुड़ी है। उसका कहना है कि जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, वह उनके बहनोई के नाम है, लेकिन उस पर किसी अन्य का कब्जा है।
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विलाप करते अकरम के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
वर्तमान में उस जमीन की कीमत करीब 1100 करोड़ रुपये के लगभग है और एक-दो दिन में  जमीन के संबंध में लेनदेन होने की उम्मीद थी। मुकर्रम का आरोप है कि इसी जमीन विवाद के चलते अकरम का एनकाउंटर किया गया। उसने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मुकर्रम का कहना है कि अकरम पर पुराने मामले दर्ज थे, जिनमें वह जमानत पर था। वर्तमान में वह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। गढ़ीपुख्ता थाना पुलिस ने गांव बुंटा में जाकर परिजनों से अकरम के बारे में जानकारी ली। इससे पहले अकरम का भाई असलम वर्ष 2017 में बाबरी थाना पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। असलम पर भी लूट, फिरौती और डकैती के कई मामले दर्ज थे। 

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