सहारनपुर और शिवालिक क्षेत्र में भारी बारिश से दिल्ली-देहरादून हाईवे दर्जन भर स्थानों पर बंद हो गया है। नदियों में सैलाब आने से गांवों का संपर्क टूटा और शाकंभरी मेले की तैयारियां बर्बाद हो गईं।
शिवालिक की पहाड़ियों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचा दी है। दिल्ली-देहरादून हाईवे दर्जन भर स्थानों पर मलबा और पेड़ गिरने से बंद हो गया। एक जगह सड़क धंस गई, जहां से लगातार मलबा नीचे खाई में जा रहा है।
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आपदा प्रभावित क्षेत्र
- फोटो : अमर उजाला
एनएचएआई की टीम सड़क से मलबा हटाने और मरम्मत का काम कर रही है, लेकिन लगातार बारिश बाधा बन रही है। यात्रियों की परेशानी देखते हुए निर्माणाधीन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड को फिलहाल आवागमन के लिए खोल दिया गया है।
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नदियों में सैलाब
बारिश के चलते घाड़ की सभी नदियों में पानी का सैलाब आ गया। शाकंभरी क्षेत्र में रात को ही सायरन बजाकर श्रद्धालुओं को सचेत किया गया और करीब सात घंटे तक रोके रखा गया। दोपहर बाद ही मां शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए उन्हें जाने दिया गया।
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मेले की तैयारियां ध्वस्त
जिला पंचायत की ओर से शारदीय नवरात्र मेले के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग, लोहे का पुल और शंकराचार्य आश्रम का लकड़ी का पुल पानी में बह गया। नाले और अस्थायी निर्माण भी बाढ़ में ध्वस्त हो गए।
बाढ़ के पानी से कई गांवों का आपसी संपर्क घंटों तक कटा रहा। गांव खुवासपुर का मुख्य मार्ग बह गया। मगनपुरा, जानीपुर, रहणा, हिंदूवाला, डाडल और बादशाहीबाग जैसे कई गांव प्रभावित रहे। जाटोवाला के पास बाढ़ का पानी गांव असगरपुर और ताहरपुर में घुस गया।
हाईवे बंद होने और एलिवेटेड रोड चालू होने से मोहंड क्षेत्र सुनसान हो गया। यहां का बाजार तीन दिन से बंद है और लोग रोजगार संकट का सामना कर रहे हैं। खाली सड़कों पर बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आए।