फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pratapgarh: स्पेशल ट्रेन से सूरत से बेल्हा पहुंचे 1354 श्रमिक, 110 श्रमिकों को रखा शेल्टर होम में

Tue, 12 May 2020 12:00 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
1 of 8
pratapgarh - फोटो : pratapgarh
 लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों को ट्रेन से लाने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। सुबह सूरत से प्रतापगढ़ पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 1354 श्रमिक उतरे। जिसमें 110 यात्री प्रतापगढ़ के थे। अन्य जनपदों के यात्रियों को रोडवेज की 35 बसों से भेजा गया। 
 
विज्ञापन

2 of 8
pratapgarh - फोटो : pratapgarh
सोमवार को श्रमिकों को लेकर पहुंची स्पेशल ट्रेन से पहले ही जंक्शन को पुलिस फोर्स ने अपने घेरे में ले लिया। निकासी के लिए बनाए गए दिव्यांग गेट और मेन गेट पर खाकी का पहरा था। अलग-अलग बोगियों से जिलेवार 1354 श्रमिकों को उतारा गया। इसमें प्रतापगढ़ जनपद के 110 श्रमिक थे।
विज्ञापन

3 of 8
pratapgarh - फोटो : pratapgarh
श्रमिकों के ट्रेन से उतरने के बाद उनके सामानों को सैनिटाइज किया गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें लंच पैकेट और पानी की बोतल देकर बसों में बैठने के लिए भेजा जाता रहा। डीएम डा. रुपेश कुमार ने स्थिति का जायजा लेते रहे। सीडीओ, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, एसएस, इंस्पेक्टर आरपीएफ और एसओ जीआरपी मातहतों के साथ व्यवस्था में सहयोग के लिए लगे रहे। स्टेशन अधीक्षक अनिल दुबे ने बताया कि देर रात मुंबई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन आने वाली है।
 

4 of 8
pratapgarh - फोटो : pratapgarh

नौनिहालों के लिए बिस्किट पानी की व्यवस्था करेगा बीबीएफजी

जंक्शन पर ट्रेन से उतरने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए बिस्किट और पानी की व्यवस्था बीबीएफजी करेगी। सोमवार शाम से ही ग्रुप का स्टाल रेलवे परिसर में लग गया। ग्रुप के संयोजक डॉक्टर अनुराग मिश्रा ने बताया सोशल डिस्टेंसिंग के साथ यह काम होगा।
 
विज्ञापन

5 of 8
pratapgarh - फोटो : pratapgarh

1200 श्रमिकों को लेकर मुंबई से आई पहली स्पेशल ट्रेन

मुंबई से 1200 श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन एक घंटे विलंब से सोमवार शाम प्रतापगढ़ जंक्शन पहुंची। यहां श्रमिकों को जिलेवार उतारकर बसों में बैठाया गया। यात्रियों ने बताया कि मुंबई में उनसे ट्रेन के टिकट का दाम सात से आठ सौ रुपये वसूला गया। बस का किराया भी बीस रुपये लिया गया।
विज्ञापन

6 of 8
pratapgarh - फोटो : pratapgarh
प्लेटफार्म पर श्रमिकों के सामानों को सैनिटाइज करने के बाद बाहर भेजा गया। यहां पहुंचे 30 जिलों के श्रमिकों को 40 बसों पर बैठाकर गंत्वय के लिए रवाना किया गया। लगभग चार सौ श्रमिक जनपद के रहने वाले हैं।
 
विज्ञापन

7 of 8
pratapgarh - फोटो : pratapgarh
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए हुए लॉकडाउन में मुंबई में जिले समेत आसपास के जनपदों के बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। लोग घर आने के लिए खासे परेशान थे। इस बीच प्रवासी मजदूरों को घर लाने का सिलसिला शुरू हुआ।

महाराष्ट्र में फंसे लोगों को भी घर लाने की कवायद शुरू हुई। सोमवार की शाम निर्धारित समय से एक घंटे विलंब से श्रमिक स्पेशल ट्रेन जंक्शन पहुंची। यहां श्रमिकों को जिलेवार बोगियों से उतारा जाने लगा। 30 जनपदों के श्रमिकों को करीब तीन घंटे में उतारा गया। श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स के साथ ही आला अधिकारी भी व्यवस्था में लगे रहे। 
विज्ञापन

8 of 8
pratagarh - फोटो : pratagarh

मुंबई में रेडजोन बने धारावी के 342 श्रमिक भी थे ट्रेन में सवार 

 सोमवार शाम मुंबई से पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन में मायानगरी में कोरोना का रेडजोन धारावी में रह रहे 342 मजदूर भी सवार थे। वहां कोरोना का अधिक प्रकोप है। इसके बाद भी वहां रहने वाले लोग पुलिस की मदद से गृह जनपद भेज दिए गए।

ट्रेन से आए कौशांबी के रहने वाले शफीक, शाहरुख, संतोष, मंदीप भी धारावी में रहकर फेरी का काम करते थे। ये लोग भी श्रमिक स्पेशल से अपने घर आने के लिए ट्रेन में सवार होने में सफल हो गए थे। इन लोगों ने बताया कि ट्रेन से करीब 342 लोग धारावी इलाके से ही आए हैं। उन लोगों को घर आने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। फिलहाल अब उन लोगों ने चैन की सांस ली है।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें