सूरत से दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से और 2517 मजदूर प्रतापगढ़ पहुंचे। दोनों स्पेशल ट्रेनों से आए श्रमिकों को बसों से उनके घर भेजा गया। 24 जनपदों के लोगों को बसों से रवाना किया गया। जिले के 196 श्रमिकों को उनके घरों तक बसों से छोड़ा गया। रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी के बीच श्रमिकों को बसों से रवाना किया जाता रहा।
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शनिवार की देर रात श्रमिक स्पेशल ट्रेन सूरत से पहुंची। जिसमे से 1210 श्रमिकों को उतारा गया। इस ट्रेन में जिले के मात्र 44 श्रमिक ही थे। ट्रेन में सवार अन्य श्रमिक दूसरे जनपदों के थे। सबसे अधिक 570 सुलतानपुर और 400 फतेहपुर के श्रमिक थे। सभी को लंच पैकेट देने के बाद घरों के लिए बसों से रवाना किया गया।
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उनकी बसों पर सुरक्षाकर्मी भी भेजे गए। रविवार की सुबह भी सूरत से स्पेशल ट्रेन श्रमिकों को लेकर पहुंची। जिसमे 1307 श्रमिक सवार थे। इनमे से 152 श्रमिक प्रतापगढ़ के रहने वाले थे। इसके अलावा देवरिया, गाजीपुर, प्रयागराज, सुलतानपुर, फतेहपुर समेत 24 जनपदों के श्रमिक शामिल थे। 298 चित्रकूट और प्रयागराज के 264 श्रमिक थे। सभी को रोडवेज की बसों से उनके घर भेजा गया।
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श्रमिक स्पेशल ट्रेन से उतरने वाले परदेसियों की देखभाल व उन्हें बसों से घर तक पहुंचाने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेशचंद्र द्विवेदी, एडीएम शत्रोहन वैश्य, एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता, सीओ सिटी अभय पांडेय समेत पांच थानों की फोर्स लगी रही।
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स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार दुबे मातहतों के साथ लगातार भ्रमण करते हुए व्यवस्था में लगे रहे। श्रमिकों के आने के पहले स्टेशन को सैनिटाइज कराया जाता रहा। मजदूरों के पहुंचने पर उनके बैग व ब्रीफकेस को भी सैनिटाइज किया गया। बसों को भी सैनिटाइज करने के लिए कर्मचारी लगे थे।
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कोच नहीं जिलेवार उतारे गए श्रमिक
अब तक स्पेशल ट्रेनों से आने वाले श्रमिकों को एक-एक कोच से उतारा जाता था, लेकिन अब यह व्यवस्था बदल गई। अब तक अलग-अलग जिलों के लोग हर कोच में मिल जाते। इससे व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को समस्या का सामना करना पड़ता था। बसों को भी रोककर रखा जाता। शनिवार की रात से ही ट्रेन रुकने के बाद जिलेवार लोगों को नीचे उतारा जाता रहा। जिससे सभी कोच में सवार उस जिले के लोग नीचे उतरते। बस चालक उन्हें लेकर निकल जाते। जिससे स्टेशन परिसर में भीड़ कम दिखाई दी।
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पुलिसकर्मियों के न पहुंचने पर एसपी ने लगाई फटकार
शनिवार की रात सूरत स्पेशल ट्रेन की सुरक्षा के लिए लगाए गए पुलिसकर्मी नदारद रहे। कुंडा सीओ राधेश्याम की ड्यूटी लगी थी। उनके पास न तो चार्ट था और न ही पुलिसकर्मी ही कहीं दिख रहे थे। इससे नाराज होकर सीओ सेट पर ही ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी मांगने लगे। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह का पारा गरम हो गया। उन्होंने व्यवस्था से जुड़े मातहतों की क्लास लगाई। एसपी का पारा गरम होते ही ड्यूटी से गायब पुलिसकर्मी प्वाइंटों पर पहुंच गए। इसे लेकर काफी देर तक पुलिस महकमे में हड़कंप मचा रहा।
रखहा। दो दिन के भीतर क्षेत्र में 280 परदेसी पहुंचे हैं। जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद होम क्वारंटाइन रहने का सुझाव दिया गया। अलग-अलग प्रदेशों से प्रवासी मजदूर हर दिन घर आ रहे हैं। शनिवार व रविवार को इलाके के 280 लोग परदेस से घर पहुंचे। गैर प्रांतों से आने वाले लोगों का सिलसिला थमने का नहीं ले रहा है। परदेसियों के आने व एक जगह रुकने के बजाय धमाचौकड़ी के चलते हर ओर दहशत का माहौल है। आरोग्य एप से 7 लोगों के संदिग्ध होने की जानकारी मिली। इस संबंध में डा. अजय कुमार ने बताया कि गैर प्रांतों से आने वाले लोगों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है।