मुंबई के धारावी से आए दो लोगों के कोरोना पीड़ित मिलने के बाद प्रशासन ने पट्टी तहसील के बरहूपुर समेत आसपास के तीन किमी के दायरे में आठ गांवों को सील कर दिया है। लोगों के घरों से बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। चारों तरफ बैरियर बनाने के साथ ही फोर्स तैनात कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार से इलाके में सैनिटाइजेशन का काम तेज कर दिया।
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मंगरौरा ब्लाक के बरहुपुर में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद पहुंचे प्रशासन के लोग।
- फोटो : pratapgarh
गांव के हर घर में पहुंचकर स्वास्थ्यकर्मी एक-एक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे हैं। पहले दिन कुल 553 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। गांव से बीस लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। दोपहर में जिलाधिकारी ने एसपी के साथ गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
पट्टी कोतवाली के बरहूपुर गांव में 27 अप्रैल को मुंबई के धारावी से पांच लोग निजी कार से आए थे। 28 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग ने इनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। गुरुवार को रिपोर्ट आने पर इनमें से चाची-भतीजा कोरोना पॉजिटिव मिले।
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.बरहुपुर गांव जा रहे लोगों को रोकती पुलिस।
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इसकी जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। अफसर भागकर गांव पहुंचे। दोनों मरीजों को एंबुलेंस से प्रयागराज के कोटवां बनी में तैयार कोविड-19 अस्पताल भेजने के साथ ही गांव में फोर्स तैनात कर दी गई।
शुक्रवार को प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और पुलिस दोनों पीड़ितों का यात्रा इतिहास खंगालने लगी। बरहूपुर के साथ ही आसपास के तीन किमी के दायरे में स्थित कंसापट्टी, भिवनी, वारी कला, शेखपुर, आशापुर, कलहूगंज, चौमरी, परसंडा, पेंडरा समेत नौ गांवों को सील कर दिया। गांव से किसी के बाहर जाने और बाहर से किसी के आने पर रोक लगा दी गई।
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बरहुपुर से भीवनी गांव को जोड़ने वाली सड़क पर बैरियर लगाती पुलिस।
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दोपहर में जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार एसपी अभिषेक सिंह के साथ गांव पहुंचे। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को हर घर में पहुंचकर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ पूरे इलाके को सैनिटाइज करने का निर्देश दिया। पुलिस ने सभी गांवों के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर पूरी तरह सील कर दिया। हॉस्पॉट एरिया में कुल 11 बैरियर, नौ चेकिंग प्वाइंट बनाने के साथ ही 60 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
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हाटस्पॉट क्षेत्र जेलरोड जामा मस्जिद के सामने पसरा सन्नाटा।
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शुक्रवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुल 553 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की। साथ ही बीस लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा। डीएम डा. रुपेश कुमार ने बताया कि इलाके को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में किसी का भी प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। लोगों की जांच कराने के साथ ही पूरे इलाके को सैनिटाइज किया जाएगा।
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मंगरौरा ब्लाक के बरहुपुर में पुलिस द्वारा लगाया गया बैरियर।
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मुंबई से पास लेकर आने की चर्चा, अफसरों के मांगने पर नहीं दिखा पाए
मुंबई के धारावी से बरहूपुर एक ही परिवार के पांच सदस्य कार से आए थे। चर्चा रही कि सभी कार का पास बनवाकर आए थे। वहां प्रशासन को बेटे के बीमार होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि डीएम के मांगने पर घर के लोग पास नहीं दिखा सके।
.मंगरौरा के बरहुपुर गांव में आशा बहुओं से पूछताछ करते डीएम डा. रुपेश कुमार।
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डीएम की फटकार पर फूले मातहतों के हाथ-पांव
मुंबई के धारावी से आए लोगों के मामले को लेकर अफसरों ने बड़ी लापरवाही कर दी। डीएम का निर्देश होने के बाद भी उन्हें गांव के स्कूल में क्वारंटीन नहीं कराया गया। सभी लोग अपने घर में ही रह रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने 28 अप्रैल को सभी लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया, लेकिन इसके बाद भी उन्हें घर में ही रहने दिया गया।
इसी का नतीजा रहा कि वह गांव में भी घूमते रहे। गुुरुवार को दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी उन्हें प्राथमिक स्कूल में क्वारंटीन नहीं कराया गया था। दरअसल गांव के प्रधान ने भी प्राथमिक स्कूल को क्वारंटीन सेंटर नहीं बनाया था।
शुक्रवार दोपहर डीएम डा. रुपेश कुमार जब गांव पहुंचे तो कोरोना पीड़ितों के परिजनों के घर में होने की जानकारी होते ही भड़क गए। उन्होंने अफसरों को जमकर फटकार लगाई। डीएम की नाराजगी देख आननफानन में सभी को प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन कराया गया।