फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CoronaVirus: बैंकों में नहीं थम रही भीड़, गांव में टूटा सुरक्षा चक्र 

Thu, 16 Apr 2020 12:23 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
1 of 5
महुली बैंक आफ बड़ौदा में गेट पर इंतजार में बैठे ग्राहक। - फोटो : pratapgarh
 शहर में सोशल डिस्टेंसिंग का फार्मूला लागू करने में काफी हद तक प्रशासन सफल हो गया है, मगर गांव में अभी भी भीड़ नियंत्रित करने के कोई ठोस पहल नहीं हुए हैं। बैंक और कोटेदारों के यहां उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने की ठोस पहल नहीं हो रही है। आलम यह है कि बैंक, टाइनी शाखाओं और कोटेदारों के यहां न साबुन और न ही सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। इससे में जिला प्रशासन का पूरा प्रयास निरर्थक साबित हो रहा है। 

 
विज्ञापन

2 of 5
एसबीआई में गेट पर लगी ग्राहकों की भीड़। - फोटो : pratapgarh
ग्रामीण इलाकों में 15 अप्रैल से नि:शुल्क चावल और बैंक से रुपये लेने के लिए बुधवार को भीड़ उमड़ पड़ी। मंगलवार को बैंकों में बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती का अवकाश होने के कारण बुधवार को भीड़ अचानक बढ़ गई। ग्रामीण इलाकों के टाइनी शाखाओं में इन दिनों अधिक भीड़ उमड़ रही है।

 
विज्ञापन

3 of 5
.महिला अस्पताल के सामने स्थित बैंक के बाहर लगी ग्राहकों की कतार। - फोटो : pratapgarh
बैंकों का आलम यह है कि वह प्रवेश द्वार पर एक कर्मचारी को बिठा देते हैं और अंदर एक-एक व्यक्ति को आने को कहते हैं। इससे अंदर तो लोग एकत्रित नहीं हो पाते हैं, मगर बाहर ग्राहक खड़े होकर अंदर घुसने के लिए धक्का-मुक्की करते रहते हैं। 

बुधवार को कोटे की दुकानों से राशन का वितरण प्रारंभ हुआ, फ्री चावल लेने के लिए महिलाएं और पुरुष उमड़ पडे़। राशन की दुकानों पर यूनिट के मुताबिक चावल बांटने के लिए  पर्याप्त मात्रा में दिया गया है, मगर ग्रामीणों को ऐसा लगता है कि कहीं चावल खत्म न हो जाय और लाभ से वंचित हो जाय। आश्चर्य की बात तो यह है कि गांव के जिम्मेदार लोग भी सामाजिक दूरी बनाने के  लिए पहल नहीं कर रहे हैं। इससे एक मीटर की दूरी का सुरक्षा चक्र तार-तार होता नजर आ रहा है। 

 

4 of 5
मदाफरपुर बाजार स्थित बैंक के गेट पर लगी ग्राहकों की भीड़। - फोटो : pratapgarh

नेटवर्क गायब होने की आ रही समस्या 

टाइनी शाखाओं में प्राय: नेटवर्क गायब हो जाता है। इससे भुगतान करने में काफी समय लगता है। इससे कभी-कभी ऐसा होता है कि जो लोग सुबह से बैठे रहते हैं, उन्हें दूसरे दिन भी आना पड़ता है। इससे भीड़ का तारतम्य नहीं टूट रहा है, अगर किसी दिन अवकाश पड़ जाता है, तो अगले दिन और भीड़ एकत्रित हो जाती है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कालाकांकर के आलापुर बाजार में बैंक के सामने भीड़ लगाएं महिलाएं। - फोटो : pratapgarh

बैंक शाखाओं में बाहर से कर देते हैं वापस 

बैंक शाखाओं का आलम यह है कि इन दिनों दो या तीन कर्मचारी ही आ रहे हैं। गांव का खाताधारक जब पासबुक लेकर बैंक पहुंचता है, कि चेक कर लीजिए कि मेरे खाते में रुपये आएं हैं कि नहीं। तो गेट पर बैठा कर्मचारी यह कहकर वापस कर देता है कि आपके खाते में रुपये नहीं आए हैं। इससे वह मजबूर होकर टाइनी शाखा पर जाते हैं। 

बैंक और टाइनी शाखा संचालकों को पत्र लिखकर सामाजिक दूरी बनाने और एक-एक मीटर की दूरी पर ही लोगों को खड़े होने को कहा गया है। अगर ऐसा नहीं कर रहे हैं, तो रेंडम जांच कराकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी शाखाओं में सैनिटाइजर और साबुन रखने की कहा गया है। 
अनिल कुमार, एलडीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें