चिलबिला जंगल में लगी आग से लाखों की वन संपदा राख हो गई। सांई दाता के अनुयायी व स्कूल के कर्मचारी आग बुझाने के लिए मशक्कत करते रहे। आग बुझाने पहुंचे फायरब्रिगेड कर्मी असहाय दिखे। करीब 7 घंटे बाद लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाया जा सका।
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चिलबिला वन विभाग के जंगल में लगी आग को फैलने से रोकने के लिए सड़क पर फैलीं सूखी पत्तियों को हटाते सांई कुटी के लोग।
- फोटो : pratapgarh
चिलबिला जंगल में बुधवार भोर में अचानक आग लग गई। आग लगने की खबर लोगों को सुबह हो सकी। आग से सागौन, शीशम समेत अन्य पेड़ जलते रहे। जंगल में रहने वाले जीव जंतु भी आग से झुलस कर दम तोड़ दिए। जंगल के बीच में स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के कर्मचारी व सांई दाता कुटी में रहने वाले अनुयायी आग बुझाने के लिए परेशान दिखे। तीन साल पहले आश्रम की कुटी जलकर राख हो चुकी थी।
.चिलबिला वन विभाग जंगल में लगी आग को दूर से खड़े होकर देखते जानवर।
- फोटो : pratapgarh
जिससे सभी खौफजदा थे। कुटी की ओर आग बढ़ने की खबर पर डंडवा के ग्रामीण भी आ चुके थे। करीब 11 बजे फायरब्रिगेड के कर्मचारी दो टैंकर लेकर आग बुझाने के लिए पहुंचे, लेकिन आग पर काबू पाने में सभी असहाय दिखे। तेज धूप होने के बाद बेकाबू आग का तांडव जारी रहा। जंगलों में रहने वाले जानवर भी नदी के किनारे की ओर भाग निकले थे। कुछ तो जान बचाने के लिए वन विभाग के कार्यालय व पार्क की ओर भाग निकले। फिलहाल 6 घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि भीतर लगी आग सुलग रही थी।