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पीलीभीत का जवान बलिदान: खबर सुन पत्नी हुई बेसुध... मां बदहवास, बेटी के जन्म के बाद ड्यूटी पर गए थे लखविंदर

Tue, 03 Jun 2025 07:35 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत के गांव धुरिया पलिया निवासी लखविंदर सिंह सेना में हवलदार थे। वह फरवरी में 50 दिन की छुट्टी पर घर आए थे। बेटी के जन्म के बाद 20 अप्रैल को ड्यूटी पर वापस गए थे। सोमवार रात उनके बलिदान की खबर मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। 
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बलिदानी लखविंदर की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला
सिक्किम के भूस्खलन में बलिदान हुए पीलीभीत के गांव धुरिया पलिया निवासी हवलदार लखविंदर सिंह बीते दिनों 50 दिन की छुट्टी पर घर आए थे। बेटी के जन्म के बाद करीब डेढ़ माह पूर्व 20 अप्रैल को ड्यूटी पर वापस गए थे। सोमवार शाम उनके बलिदान होने की सूचना मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। बुजुर्ग माता-पिता, भाई, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की उम्मीद है। 

बलिदानी के पिता गुरदेव सिंह ने बताया कि करीब चार दिन पहले फोन पर उनकी लखविंदर से बात हुई थी। कहा था कि सब ठीक है। परिवार के सभी लोगों का हालचाल जाना था। इसके बाद उनकी बात नहीं हो सकी। करीब चार दिन से ही सिक्किम के हालात खराब हो गए थे। सोमवार शाम बेटे के बलिदान होने की सूचना मिली। यह कहकर उनकी आंखों में आंसू आ गए। आसपास बैठे लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। 
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बलिदानी के पिता गुरदेव सिंह - फोटो : अमर उजाला
देश सेवा में बेटे के बलिदान होने पर बुजुर्ग पिता को गम है तो गर्व भी नजर आया। भाई पलविंदर की करीब एक सप्ताह पूर्व लखविंदर से बात हुई थी। कहा था कि सब ठीक है। इसके बाद उनकी बात नहीं हो सकी। बताया कि लखविंदर 50 दिन की छुट्टी पर घर आए थे। भाभी का प्रसव और बेटी के जन्म के बाद वह 20 अप्रैल को ड्यूटी पर गए थे। शाम के समय बलिदान होने की खबर मिली। पलविंदर तीन महीने पहले से विदेश से वापस आए हैं।
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पत्नी, मां व अन्य परिजनों के नहीं थम रहे आंसू - फोटो : अमर उजाला
मां बदहवास, पत्नी हुई बेसुध 
लखविंदर के बलिदान होने की खबर से माता-पिता, भाई, पत्नी और बच्चों के आंसू थम नहीं रहे। दोपहर के समय बलिदानी की पत्नी रुपिंदर कौर रोते-रोते बेसुध हो जा रही थीं। मां की गोद में मौजूद ढाई माह की मासूम मनसिरत कौर भी रो रही थी। लखविंदर का सात वर्षीय बेटा एकमजोत भी पिता को यादकर बिलख रहा था। ढांढस बंधाने पहुंचे ग्रामीण और सगे-संबंधियों की आंखें भी नम हो गईं। 

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शोकाकुल परिजन - फोटो : अमर उजाला
बहनोई ने वीडियो कॉल पर बताए हालात
सिक्किम के भूस्खलन में बलिदान हुए हवलदार लखविंदर सिंह के बहनोई अमरदीप सिंह भी फौज में है। गांव पचपेड़ा के रहने वाले अमरदीप सिंह भी इस समय सिक्किम में तैनात हैं। मंगलवार को उन्होंने वीडियो कॉल कर परिजनों और कलीनगर तहसीलदार वीरेंद्र सिंह को सिक्किम के हालात बताए।
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बलिदानी हवलदार लखविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि अमरदीप सिंह की तैनाती लखविंदर से थोड़ा अधिक ऊंचाई पर है। दोनों की तैनाती स्थल में करीब चार घंटे के सफर का फासला है। दोपहर में अमरदीप सिंह ने भाई पलविंदर के फोन पर वीडियो कॉल की। परिजनों को सिक्किम के हालात की जानकारी दी। कहा कि भूस्खलन हुआ है। यहां छह दिन से हालात खराब हैं। परिजनों को ढांढस भी बंधाया। उन्होंने कलीनगर तहसीलदार को भी जरूरी जानकारी दी।
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बलिदानी के घर पहुंचे डीएम और एसपी - फोटो : अमर उजाला
परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे डीएम-एसपी
भूस्खलन में बलिदान हुए हवलदार लखविंदर सिंह के परिजनों को ढांढस बंधाने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और एसपी अभिषेक यादव उनके घर पहुंचे। परिजनों से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं। पार्थिव शरीर के घर पहुंचने और अन्य जानकारी ली। परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।


 
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