मुठभेड़ में मारा गया बदमाश।
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सूत्रों के अनुसार 36 घंटों में कोई भी रिश्तेदार और परिचित नहीं पहुंचा, जिस कारण सही से उसकी शिनाख्त करने वाला नहीं था। पुलिस टीम इस मामले को लेकर पशोपेश में थी। सोमवार सुबह लगभग नौ बजे शाहपुर थाने में राजस्थान के जयपुर में रहने वाली खुशी पत्नी सोहिल अपने बेटे और बेटी के साथ पहुंची। उसने राशिद की पहचान अपने भाई के रूप में की।