मुजफ्फरनगर में वारदात को हादसा दर्शाने की साजिश रची गई थी। पहले पुलिस जांच और फिर अदालत में अभियोजन की ओर से रखे गए मजबूत तथ्यों से खौफनाक साजिश का खेल खुला था। जिस जीप में आठ लोग सवार थे, उसका आगे का हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित था। ट्रक ने साइड से टक्कर मारकर जीप सवारों को कुचला था।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में तथ्य पेश किया गया कि सामूहिक हत्याकांड से पहले बरेली जेल से विक्की त्यागी, जिला जेल से सुशील शुक्ला, अजय शुक्ला और धर्मेंद्र अदालत पहुंचे थे। यहां पर उन्हें मीनू त्यागी, बॉबी त्यागी, बॉबी शर्मा मिले। वारदात की साजिश रची गई, जिसके बाद एक ट्रक खरीदा गया।