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हिमांशी हत्याकांड: ऐसे तो नहीं मिलेगी कातिल मामा और उसके बेटे को सजा, पूरा का पूरा गांव ही क्यों हुआ चुप?

Mon, 11 Nov 2024 05:21 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फनगर

सार

घटनाक्रम को लेकर पुलिस कड़ी दर कड़ी जोड़ने में लगी है, ताकि कोर्ट ने सबूतों के साथ अपना पक्ष रख सके और हिमांशी के कातिलों को सजा दिला सके। लेकिन इन सबके बीच एक अजीब सी चीज सामने आई है। घटना को लेकर गांव के लोग चुप हैं।
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हिमांशी और उसके कथित हत्यारे मामा-ममेरा भाई - फोटो : अमर उजाला
यूपी के मुजफ्फनगर स्थित गांव रसूलपुर कैलोरा में हिमांशी की हत्या के आरोपी मामा भारतवीर और ममेरे भाई मुकुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मामा का परिवार शादी के खिलाफ था। विनीत की यह दूसरी शादी थी, पहली पत्नी से उसका तलाक हो गया था। वसुंधरा के लिए जाने से पहले हिमांशी ने गहने और रुपये मांगे। झगड़ा बढ़ने पर आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
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जांच पड़ताल करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
हत्यारों को सजा दिला पाना होगा बड़ी चुनौती
घटनाक्रम को लेकर पुलिस कड़ी दर कड़ी जोड़ने में लगी है, ताकि कोर्ट ने सबूतों के साथ अपना पक्ष रख सके और हिमांशी के कातिलों को सजा दिला सके। लेकिन इन सबके बीच एक अजीब सी चीज सामने आई है। घटना को लेकर गांव के लोग चुप हैं। कोई भी गवाही देने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए पुलिस ने अब आरोपियों को सजा दिलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सबूत एकत्र कर रही है। बताया जा रहा है कि कुछ सबूतों का प्रयोगशाला में परीक्षण भी कराया जाएगा। आरोपियों के फिंगर प्रिंट भी लिए हैं।
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Himanshi murder - फोटो : अमर उजाला
हत्या वाले दिन क्या हुआ था?
हिमांशी की हत्या उसके ममेरे भाई मुकुल ने अपने भाई अंकुश व पिता पूर्व प्रधान भारतवीर के ललकारने पर गोली मारकर की थी। भाई व पिता के कहने पर मुकुल अलमारी में रखा तमंचा निकाल कर लाया था। उसने शादी के लिए घर से जा रही हिमांशी के पेट में गोली मारी। वह नीचे गिरी तो दूसरी गोली उसकी पीठ में मारी गई। पुलिस ने आरोपी बाप-बेटे को पकड़ा है। अंकुश अभी फरार है।

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Himanshi murder - फोटो : अमर उजाला
मामा भारतवीर रह चुका है पूर्व प्रधान
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने खुलासा कर बताया कि आठ नवंबर को हिमांशी घर से स्कूटी पर जाने के लिए तैयार हो गई थी। उसके मामा भारतवीर व उसके दोनों बेटों अंकुश व मुकुल ने उसे रोका, लेकिन वह नहीं मानी। तब भारतवीर व अंकुश ने मुकुल को तमंचा लाने के लिए कहा। भारतवीर पूर्व प्रधान है। उसके राजनीतिक संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है। अंकुश की तलाश की जा रही है। 
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Himanshi murder - फोटो : अमर उजाला
हत्यारे घबराए नहीं, सबूत मिटाने का किया प्रयास
एसपी सिटी ने बताया कि हिमांशी की हत्या करने के बाद आरोपी घबराए नहीं, बल्कि उन्होंने खून से सने आंगन को साफ किया। महिलाओं ने भी घर में कोई घटना होने से इनकार कर दिया था। शव को कार में रखकर आरोपी ले जाने लगे थे। ग्रामीणों के देख लेने पर तीनों आरोपी कार को घर के पीछे से जाने वाले जंगल में दो सौ मीटर दूर चंद्रपाल की ट्यूबवेल के पास छोड़कर भाग गए थे।
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हिमांशी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
यह दर्ज कराया गया था मुकदमा
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि मेरठ के विनीत ने मुकदमा दर्ज कराया था कि रुपये नहीं देने पर भारतवीर और उसके बेटे अंकुश व मुकुल ने हिमांशी की हत्या की है। हिमांशी अपने रुपये ओर गहने वापस मांग रही थी।
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हिमांशी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
मामा के पास भी रखे थे रुपये
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी भारतवीर व मुकुल ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि जमीन बेचने के बाद रुपये हिमांशी और उसकी मां कविता के खातों में पहुंच गए थे। इसके बाद भी काफी रुपये मामा के परिजनों के पास भी रखे थे। 
 

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हिमांशी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
तलाक के बाद दोबारा शुरू हुई प्रेम कहानी
विनीत और हिमांशी की मुलाकात मवाना के एक कॉलेज में आठ साल पहले हुई थी। दोनों के बीच बातचीत चलती रही। साल 2022 में विनीत की दूसरी लड़की से शादी हुई, लेकिन छह माह बाद ही तलाक हो गया। इसके बाद दोबारा उसकी हिमांशी से बातचीत शुरू हो गई। विनीत ने हिमांशी से कोर्ट मैरिज कर थी। घर पर जानकारी मिलते ही हंगामा शुरू हो गया था। 

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हिमांशी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
हिमांशी के खाते में 25 और मां के खाते में 45 लाख
एसपी सिटी ने बताया कि घटना से पहली रात में मुकुल ने कमरे में बंद कर हिमांशी को समझाते हुए काफी डराया व धमकाया था। लेकिन हिमांशी शादी की जिद करती रही। इस बारे में पुलिस से भी शिकायत नहीं की थी। हिमांशी के खाते में 25 और उसकी मां के खाते में 45 लाख रुपये हैं।
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हिमांशी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
वारदात के वक्त सो रही थी मां, बेटी के अंतिम संस्कार में नहीं गई
शुक्रवार सुबह जिस समय वारदात हुई कविता घर के दूसरे कमरे में सो रही थी। हत्या के बाद गांव पहुंची पुलिस हिमांशी की मां कविता समेत तीन महिलाओं को पूछताछ करने के लिए थाने लाई।  मुकदमा दर्ज होने के बाद तीनों महिलाएं थाने से गांव रसूलपुर कैलोरा वापस भेज दी गई। हिमांशी का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह शहर के भोपा रोड स्थित श्मशानघाट में ताऊ मनोज के परिवार ने किया। हिमांशी की मां अंतिम संस्कार में नहीं पहुंची, वह अभी भी मायके में रह रही है।
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