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मेरठ में चंद्रशेखर: मेरठ के एसएसपी दबाव में... से लेकर मायावती पर कटाक्ष तक, जानें पूरे दिन का घटनाक्रम

Sat, 11 Jul 2026 12:41 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: रोहटा में छात्रा की हत्या के मामले में नगीना सांसद चंद्रशेखर मेरठ पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ितों के लिए इंसाफ की मांग की। सरेआम थप्पड़ मारने पर एसएसपी मेरठ का विरोध जताया। मायावती के सड़कों पर धरना ना देने के बयान पर कटाक्ष किया। पूरे दिन हंगामे की स्थिति रही।
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टोल प्लाजा पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते सांसद चंद्रशेखर। - फोटो : अमर उजाला
Case of the female student's murder: रोहटा क्षेत्र में अनुसूचित जाति की छात्रा की अपहरण कर हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को न्याय की गुहार लेकर पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने सिवाया टोल प्लाजा पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। रोके जाने के बाद सांसद अपने समर्थकों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। पूरा दिन पुलिस-प्रशासन और सांसद के बीच कशमकश का दौर चलता रहा।
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मेरठ में सांसद चंद्रशेखर। - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जैसे ही सांसद चंद्रशेखर का काफिला सिवाया टोल प्लाजा पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। सांसद ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए वहीं धरना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल है और अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। 
 
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टोल प्लाजा पर लगा जाम। - फोटो : अमर उजाला
चंद्रशेखर ने कहा कि न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया गया। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति के साथ भी मारपीट की। यदि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो जनता का पुलिस व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा।
 

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टोल प्लाजा पर आसपा कार्यकर्ताओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
हालात की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात अभिजीत मौके पर पहुंचे और सांसद से लंबी बातचीत की। प्रशासनिक पहल के बाद, दोपहर करीब तीन बजे टोल प्लाजा के कंट्रोल रूम में सांसद चंद्रशेखर और पीड़ित परिवार की मुलाकात कराई गई। लगभग दो घंटे चली इस वार्ता में परिवार ने घटनाक्रम और अपनी पीड़ा विस्तार से रखी। इसके कुछ समय बाद तक सांसद धरने पर बैठे रहे। बाद में शाम साढ़े छह बजे धरना समाप्त कर सांसद अपने काफिले के साथ वापस लौटे।
 
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एंबुलेंस भी फंस गई। - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार का दर्द और सुरक्षा की मांग
सांसद चंद्रशेखर ने बताया कि मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने उन्हें बताया कि मृतका की मां और बहन पर भी पुलिस ने उस समय लाठी बरसाई थी, जब वे न्याय की गुहार लगा रही थीं। पीड़ित परिवार ने सांसद को बताया कि वे खौफ के साये में जी रहे हैं और उन्हें गांव में धमकाया जा रहा है। सांसद ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि परिवार को शहर में सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाए।
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बैरिकेडिंग से वाहन चालकों को हुई परेशानी। - फोटो : अमर उजाला
थाना प्रभारी पर लापरवाही बरतने का आरोप
सांसद ने कहा कि छात्रा ने पहले ही जान का खतरा जताया था, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। परिजन तहरीर लेकर रात में पहुंचे तो थाना प्रभारी ने सुबह को जांच करने की बात कही। अभी तक लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा सरकार में संविधान को कुचला जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि न्याय के लिए आवाज उठाने के लिए क्या धरना भी नहीं दिया जा सकता।
 
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व्यवस्था बनाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी किसी के दबाव में पहुंचे
चंद्रशेखर ने कहा कि उन पर पहले भी गोलियां चल चुकी हैं और वर्तमान में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ क्या हो रहा है यह सब जानते हैं। मेरठ के एसएसपी जिस तरह से आए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए थप्पड़ बरसाए और लाठीचार्ज कराया, इससे लगता है कि वह किसी के दबाव में पहुंचे। सभी जानते यहां किसका दबाव चल रहा है।
 

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टोल प्लाजा पर तैनात पुलिस बल। - फोटो : अमर उजाला
सात दिन का अल्टीमेटम: नहीं हुआ न्याय तो लखनऊ में होगा आंदोलन
धरने के दौरान चंद्रशेखर ने कहा कि मेरठ में जानबूझकर जातीय संघर्ष का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में हुईं कई घटनाओं से समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन मेरठ की जनता को ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देना चाहिए। लोगों से शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह या उकसावे में न आएं। उन्होंने प्रशासन को सात दिन का समय दिया है। 
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी को निलंबित नहीं किया गया तो आंदोलन केवल मेरठ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह जिंदा रहे तो आगामी मानसून सत्र में इस मामले को प्रमुखता से उठाएंगे।

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मेरठ शहर में तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा
छात्रा के गांव और आसपास के क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। रोहटा की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों, जैसे- थिरौठ मार्ग, रासना चौराहा, कैथवाड़ी तिराहा और बागपत की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। वाहनों की सघन जांच की गई। सुरक्षा कारणों से मीडिया कर्मियों और जनप्रतिनिधियों तक को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया गया। सीओ आशुतोष कुमार के अनुसार, यह व्यवस्था एहतियातन शांति बनाए रखने के लिए की गई थी।
 

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एसएसपी भी रहे अलर्ट। - फोटो : अमर उजाला
टोल प्लाजा पर अलर्ट प्रशासन की घेराबंदी
सांसद चंद्रशेखर के दौरे को देखते हुए मेरठ-दिल्ली मार्ग पर स्थित काशी टोल प्लाजा और भूनी टोल प्लाजा पर भी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि हर गुजरने वाले वाहन की तलाशी ली जा रही थी। पुलिस अधिकारियों ने निर्देश दिए थे कि किसी भी प्रकार की भीड़ को इकट्ठा न होने दिया जाए।
 

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मीडिया से बात करते सांसद चंद्रशेखर। - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी पर कसा तंज
सांसद ने एसएसपी के पेड़ लगाने वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा वे एक हजार पेड़ जरूर लगाएं, लेकिन उसकी छांव में कौन बैठेगा यह समय बताएगा। उन्होंने मांग की कि इस मामले में नामजद आरोपी अंकुश चौधरी और हनी के अलावा, लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं धरने के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाए। बसपा सुप्रीमो के शांति बनाएं रखने वाले बयान पर चंद्रशेखर ने कहा कि मैं उनका सम्मान करता हूं। लेकिन जब न्याय नहीं मिले, पुलिस अपना काम न करें और संविधान का मजाक बनाया जाए तो सड़क पर उतरना ही पड़ेगा।
 

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बसपा सुप्रीमो कुमारी मायावती। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
ये बोलीं थी बसपा सुप्रीमो मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दलितों, पिछड़ों और अन्य उपेक्षित वर्गों से भावनाओं में बहकर सड़क पर उतरने के बजाय संविधान और कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज और हरदोई सहित अन्य राज्यों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़कों पर उतरने से समस्याओं का समाधान नहीं होता।

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वकीलों ने भी किया पुलिस कार्रवाई का विरोध। - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया को जारी बयान में उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इन वर्गों को वोट की ताकत और संवैधानिक अधिकार दिए हैं। इसलिए राजनीतिक सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथ में लेना ही उनके दुखों का स्थायी समाधान है। मायावती ने कहा कि किसी भी अत्याचार या अन्याय की स्थिति में कानून को हाथ में लेने के बजाय अदालत का सहारा लेना चाहिए। यदि निचली अदालत से न्याय न मिले तो उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक जाना चाहिए। 
 

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भूनि पर भी तैनात रही पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन और राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए पीड़ित वर्गों को भड़काकर आंदोलन कराते हैं और बाद में राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। इससे पीड़ितों को न्याय मिलने के बजाय उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि दलित, पिछड़े और अन्य उपेक्षित वर्गों को विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।
 

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मेरठ में सांसद चंद्रशेखर। - फोटो : अमर उजाला
छात्रा के परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात, पुर्नवास की मांग
सिवाया टोल पर धरना-प्रदर्शन के बाद आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के छह सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार शाम डीएम-एसएसपी से मिला। उन्होंने कहा कि छात्रा के परिवार को खतरा है। उनके परिवार की सुरक्षा की जाए और पुर्नवास कराया जाए। इसके बाद छात्रा के घर पर दो पुलिसकर्मी तैनात कर दिए। सेवानिवृत्त एडीजी प्रेमप्रकाश और आसपा के राष्ट्रीय महासचिव के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधि मंडल ने दोनों अधिकारियों के सामने अन्य मांगे भी रखीं।

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अधिकारियों से बात करते सांसद चंद्रशेखर। - फोटो : अमर उजाला
रविंद्र भाटी ने बताया कि सिवाया टोल पर पुलिस अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने छह सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल का गठन किया। जिलाधिकारी कार्यालय में डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडेय से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि छात्रा की हत्या की निष्पक्ष जांच की जाए। छात्रा व आरोपियों के मोबाइल की गहनता से जांच की जाए। परिवार के लोगों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फिर से गहनता से जांच की जाए। अगर सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि होती है तो धारा बढ़ाई जाए। किसी निर्दोष को जेल न भेजा जाए लेकिन जिनके भी नाम सामने आएं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि छात्रा के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और शस्त्र लाइसेंस दिया जाए। मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को राहत दिलाई जाए। डीएम-एसएसपी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया।
 

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मेरठ में सांसद चंद्रशेखर। - फोटो : अमर उजाला
जाम व बवाल में जेल भेजे गए लोगों की रिहाई की मांग
प्रतिनिधि मंडल ने जाम लगाकर धरना प्रदर्शन के दौरान बवाले करने व पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले आरोपियों की रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि उन पर लगाई गई जानलेवा हमले और क्रिमनल एक्ट की धारा भी हटाई जाए। रविंद्र भाटी का कहना है कि इस पर एसएसपी ने कहा कि कुछ लोगों पर आपराधिक केस दर्ज हैं। उन्होंने लोगों को उकसाया है। इस पर प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि अन्य लोगों को राहत दी जाए। प्रतिनिधि मंडल में बाबर चौहान, प्रताप सिंह, निजाम चौधरी और विपिन वाल्मीकि भी मौजूद रहे।

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रोहटा में गांव के बाहर बैरिकेडिंग। - फोटो : अमर उजाला
ये बोले एसपी देहात
सिवाया टोल पर आसपा के पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार और अधिकारियों से वार्ता करने के लिए कहा था। उनकी पीड़ित परिवार से मुलाकात और वार्ता करा दी गई। छात्रा की हत्या की निष्पक्ष जांच की जा रही है। 
- अभिजीत कुमार, एसपी देहात
 

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कांग्रेस जिलाध्यक्ष नजरबंद। - फोटो : अमर उजाला
बसपा और कांग्रेस नेता नजरबंद
विपक्षी दलों के नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलने की तैयारी की, जिसके बाद पुलिस ने बसपा और कांग्रेस के कई नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर लिया। देर शाम सभी नेताओं को मुक्त कर दिया गया। नजरबंद किए गए नेताओं का कहना है कि पुलिस पीड़ितों को न्याय देने के बजाय उनका उत्पीड़न कर रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव भाटी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जनता और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता सैयद आमिर रजा ने बताया कि स्थानीय पुलिस ने शिवाजी रोड स्थित जिलाध्यक्ष के आवास पर कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया। इनमें गजराज सिंह, प्रदीप अरोड़ा, शबी खान, योगी जाटव, सैयद रेहानुद्दीन, सपना सोम, अफसा और जैनेंद्र जाटव शामिल थे।

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नजरबंद किए गए रंजन शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा को भी उनके आवास पर नजरबंद किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा के जाने का समय आ गया है। अधिकारियों से जनता का उत्पीड़न कराया जा रहा है। बसपा के जिलाध्यक्ष मोहित जाटव ने बताया कि उनके वेदव्यासपुरी स्थित मकान पर तीन दिन से टीपीनगर पुलिस डेरा डाले हुए है। उन्होंने इसे जनता की आवाज दबाने का प्रयास बताया।
 

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घर में ही नजरबंद किए गए। - फोटो : अमर उजाला
फलावदा में भी नजरबंदी
कांग्रेस नेता सैयद रिहानुद्दीन को भी उनके आवास पर नजरबंद किया गया। रोहटा निवासी दलित युवती की हत्या के बाद वह परिजनों से मिलने जा रहे थे। उनके साथ पूर्व चेयरमैन सैयद मेराजुद्दीन, कांग्रेस के नगर अध्यक्ष इमरान सैफी और पूर्व चेयरमैन अब्दुस समद सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। सैयद रिहानुद्दीन ने बताया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी हाईकमान के निर्देश पर वे पीड़ित परिवार को सांत्वना देने जा रहे थे। लेकिन सरकार और प्रशासन के दबाव में फलावदा पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया।
 
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कमिश्नरी के पास तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
बैरिकेडिंग से दो किमी लंबा जाम, यात्रियों की पुलिस से नोकझोंक
दौराला क्षेत्र में पुलिस ने सिवाया टोल के पास बैरिकेडिंग की। यह बैरिकेडिंग नगीना सांसद चंद्रशेखर के दौरे को लेकर की गई थी। इस कारण दौराला से मेरठ जाने वाले मार्ग पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस और यात्रियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने यातायात सामान्य कराया।

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