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चमोली आपदा से ग्रामीणों में दहशत, जागकर गुजारी पूरी रात, तस्वीरों में देखें यहां का हाल

Tue, 09 Feb 2021 03:45 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मीरापुर क्षेत्र में गंगा के किनारे पहुंचे किसान अपने सामान को वाहनों से उतारते हुए। संवाद - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली में हुई प्राकृतिक आपदा के चलते मुजफ्फरनगर में खादर क्षेत्र के ग्रामीण रातभर चिंतित रहे। फसल डूबने की चिंता और पानी आने की आशंका में ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर गुजारी। वहीं सोमवार को हालात सामान्य होने पर ग्रामीण अपने-अपने घर को लौट गए।
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मीरापुर क्षेत्र में गंगा के किनारे पहुंचे किसान अपने सामान को वाहनों से उतारते हुए। संवाद - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर के फटने से गंगा में भी बाढ़ की आशंका बन गई थी। जिला प्रशासन ने भी खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ की आशंका के चलते ग्रामीणों को खेतों से घर लौट आने और सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की चेतावनी जारी की थी। इस बाबत खादर क्षेत्र के गांव से ग्रामीणों में अफरातफरी उत्पन्न हो गई थी। ग्रामीण खेतों से अपना कीमती सामान समेट घर लौट आए थे। वहीं, निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीण भी अपने कीमती सामान व पशुओं के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए थे। 
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गंगा के किनारे पहुंचे किसान अपने सामान को वाहनों से उतारते हुए। संवाद - फोटो : अमर उजाला
रविवार को रातभर ग्रामीण बाढ़ आने की आशंका से होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित रहे। सोमवार सुबह भी ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर अनिश्चितता की स्थिति थी, जिसके चलते वे एक-दूसरे से उत्तराखंड के हालिया हालात की जानकारी लेते रहे। हालात पूरी तरह सामान्य होने पर आखिरकार ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और अपने रोजमर्रा के काम शुरू किए। 

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चमोली आपदा से लोगों में दहशत - फोटो : अमर उजाला
उधर, मीरापुर में गंगा बैराज में पानी न आने से लोगों ने राहत महसूस की। गंगा किनारे पलेज लगाने वाले किसान अपनी फसलों को लेकर रात में चिंतित रहे। हालांकि अभी भी वो ऊंचे स्थानों पर डेरा बना कर रहे रहे हैं। पैजनियां निवासी किसान लोकेश कश्यप, सतेंद्र, किरतपुर के भीम सिंह, बालेश, आनंद ने बताया कि पलेज में उनकी लौकी की फसल तैयार है। प्रशासन ने उन्हें जीवनपुरी, चूहापुर, मट्टा फार्म से यहां ऊपर भेज दिया है। वे यहां पर झोपड़ी बना कर रह रहे हैं।
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गंगा बैराज, जहां पानी नहीं आने से गंगा सूखी पड़ी है। संवाद - फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों ने किया कैंप
एडीएम और एसडीएम पुरकाजी, शुकतीर्थ, गंगा बैराज और रामराज, खादर क्षेत्र में रविवार की रात में पहुंच गए थे। एडीएम वित्त आलोक कुमार भी गंगा बैराज पर कैंप में रहे। गंगा बैराज के जेई पीयूष कुमार ने बताया कि बैराज पर पानी नहीं बढ़ा है। अभी भी बैराज पर 7607 क्यूसेक पानी है। अब कोई घबराने की बात नहीं है। वहीं, डीएसओ बीके शुक्ला ने बताया कि गंगा खादर क्षेत्र में राशन की दुकान से खाद्यान्न का वितरण कराया गया है, ताकि ग्रामीणों को कोई परेशानी न हो।

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