चमोली आपदा से लोगों में दहशत
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उधर, मीरापुर में गंगा बैराज में पानी न आने से लोगों ने राहत महसूस की। गंगा किनारे पलेज लगाने वाले किसान अपनी फसलों को लेकर रात में चिंतित रहे। हालांकि अभी भी वो ऊंचे स्थानों पर डेरा बना कर रहे रहे हैं। पैजनियां निवासी किसान लोकेश कश्यप, सतेंद्र, किरतपुर के भीम सिंह, बालेश, आनंद ने बताया कि पलेज में उनकी लौकी की फसल तैयार है। प्रशासन ने उन्हें जीवनपुरी, चूहापुर, मट्टा फार्म से यहां ऊपर भेज दिया है। वे यहां पर झोपड़ी बना कर रह रहे हैं।