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जब रामपुर का नाम कर दिया था 'फैज़ाबाद', तस्वीरों में जानिए पूरी कहानी

Thu, 08 Nov 2018 05:53 PM IST
अभिनव चौहान, अमर उजाला, मुरादाबाद
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अयोध्या की दिवाली - फोटो : अमर उजाला
दीपावली से एक दिन पूर्व अयोध्या को दीपकों से सजा दिया गया। यूपी सरकार के तमाम मंत्री यहां मौजूद थे। अयोध्या का हर कोना जगमग था। इस दीपावली अयोध्या को तोहफा देने का वादा भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया था। लिहाजा फैज़ाबाद जिले का नाम ही बदलकर अयोध्या कर दिया गया।
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रजा लाइब्रेरी - फोटो : अमर उजाला
आपको ये जानकार हैरानी होगी कि नाम बदलने का इतिहास आज का नहीं बल्कि सदियों पुराना है। हर शासन ने अपने हिसाब से नाम बदला है। अपनी आस्थाओं के अनुरूप शहरों के नाम रखे गए। फैज़ाबाद का नाम यदि पहले न होता तो फैज़ाबाद पूर्वी उत्तर प्रदेश का हिस्सा न होकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का हिस्सा होता। 
आइए सुनाते हैं इससे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा -
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पुराना रामपुर का किला - फोटो : अमर उजाला
दरअसल मुगलों के शासन काल से चार सौ साल पूर्व ही उत्तर प्रदेश में कटेहर राजपूतों का शासन था। रूहेला शासकों से पूर्व मुरादाबाद मंडल का जिला रामपुर एक रियासत था। रामपुर की सीमाएं काफी दूर तक थीं। करीब 645 वर्ग मील में उसका भूभाग फैला था। 1200-1300 ईसा पूर्व यहां कटेहर राजपूत राजा राज किया करते थे। इनमें से राजा रामसिंह के नाम पर ही इस क्षेत्र का नाम रामपुर रखा गया था। इन्हीं के नाम पर चार छोटे-छोटे गांव भी बनाए गए। पूरे नगर को रामपुर नाम दिया गया था।

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रजा लाइब्रेरी - फोटो : अमर उजाला
इतिहासकार और अधिवक्ता शौकत अली खां बताते हैं कि रामपुर को अवध की रियासत के समझौते के तौर पर रूहेला शासकों ने भेंट किया था। मुगल शासन से पूर्व यहां राजपूत राजाओं का अधिकार था। 7 अक्तूबर 1774 में यहां नवाबी शासन शुरू हुआ। 1733 ईसवी में बरेली के आंवला में जन्मे फैजुल्ला खां रामपुर के पहले नवाब बने। शासन हाथ में आने के बाद उन्हें रामपुर नाम पसंद नहीं आया। इस्लाम में उनकी आस्था थी। फारसी और अरबी के अच्छे जानकार थे। वह उसी भाषा से अपनी रियासत का नाम लेना चाहते हैं। सबसे पहले उन्होंने ही इस शहर का नाम बदला।
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कोठी खास बाग - फोटो : अमर उजाला
रामपुर के नवाब फैजुल्ला खां ने रामपुर का नाम बदलकर फैज़ाबाद कर दिया। कई दिनों तक इसका नाम फैज़ाबाद ही रहा। लेकिन मुगलों ने पहले ही फैज़ाबाद नाम से एक नगर बसा रखा था। जो वर्तमान में एक जिला है। दीपावली के दिन इसी का नाम बदलकर अयोध्या किया गया है। रामपुर नवाब के किसी सिपहसालार ने उन्हें बताया कि फैज़ाबाद के नाम से एक नगर पहले ही पूर्वी भाग में बसा हुआ है। इस पर उन्होंने फिर से रामपुर यानी तत्कालीन फैज़ाबाद का नाम बदल दिया।
 
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रजा लाइब्रेरी, रामपुर - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद नवाब ने फैज़ाबाद यानी रामपुर का नाम बदलकर मुस्तफाबाद कर दिया। कई दिनों तक इसी नाम से रियासत का कामकाज चला। लेकिन जल्द ही उनके सिपहसालारों ने बताया कि मुस्तफाबाद नाम के भी एक नगर हैं। इस पर उन्होंने रामपुर नगर के कई दूसरे नाम सुझाए। उनके बारे में भी पता किया गया तो मालूम हुआ कि सभी नामों से कहीं न कहीं मुगल साम्राज्य में नगर बसा हुआ है। ऐसी हालत में परेशान होकर रामपुर के नवाब फैजुल्ला खां ने रामपुर का नाम बदलने का प्रस्ताव की निरस्त कर दिया। तब से इसका नाम रामपुर ही चला आ रहा है। सोचिए कि यदि उस वक्त फैज़ाबाद न होता तो आज अयोध्या फैज़ाबाद जिले का हिस्सा न होता। बल्कि फैजाबाद मुरादाबाद मंडल का एक जिला होता।
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